मधेपुरा: एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष निशांत यादव के छात्र - युवाओं के हक, अधिकार, सम्मान और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सक्रियता और संगठन के प्रति समर्पण को देखते हुए एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी और बिहार एनएसयूआई प्रभारी सत्यम कुशवाहा के निर्देश पर बिहार एनएसयूआई के अध्यक्ष सूरज सिंह यादव ने पूर्णिया, अररिया, कटिहार और किशनगंज एनएसयूआई का प्रभारी नियुक्त किया गया है. एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष निशांत यादव ने कहा कि संगठन ने मुझपे जो भरोसा जताया है इसके लिए मैं शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करता हूं. उन्होंने आगे कहा कि बीते 10 वर्ष छात्र, छात्राओं और युवाओं के हक, अधिकार, सम्मान और उनके भविष्य के लिए बहुत ही संघर्षपूर्ण रहा. श्री यादव ने कहा जब से केंद्र और राज्य में एनडीए की सरकार आई है. छात्र, छात्राओं के हक, अधिकार, सम्मान और उनके भविष्य के साथ लगातार खिलवाड़ हो रहा है. सर्वप्रथम नई शिक्षा नीति 2020 लाकर शिक्षा का बाजारीकरण कर शिक्षा को महंगा कर गरीब, वंचित और कमजोर वर्ग के बच्चों को शिक्षा से वंचित करने का षडयंत्र किया गया. सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया गया है. उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थिति बहुत ही दयनीय है. तमाम विश्वविद्यालयों में शिक्षकों और कर्मियों का भारी अभाव है. बहालियां पेंडिंग है. छात्र अपने डिग्री को लेकर भटक रहे है. उन्होंने कहा प्रति वर्ष 2 करोड़ रोजगार देने का वादा कर सत्ता में आई मोदी सरकार से छात्र जब नौकरी मांगते है तो उन्हें लाठी, जेल और दमन किया जाता है. स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के जरिए पढ़ाई पूरी करने के लिए बिहार सरकार लोन तो देती है लेकिन पढ़ाई पूरी होने पर नौकरी या रोजगार का अवसर नहीं देती. उसके बाद सरकार छात्रों पर शिक्षा लोन वापसी को लेकर दवाब बनाती है. उनपर मुकदमे दर्ज करने की धमकी दी जाती है और अब तक हजारों छात्रों पर सर्टिफिकेट केस दर्ज भी किया गया है. उन्होंने कहा कि सरकार पहले छात्रों को बेरोजगार बनाया और अब कर्जदार बनाकर उनपर मुकदमे दर्ज कर अपराधी बना रही है. यह समय छात्रों के लिए सरकार से अपने हक, अधिकार, सम्मान और भविष्य के लिए संघर्ष का समय है. आज छात्रों के पास आंदोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं है. ऐसे समय में मुझे सीमांचल के 4 जिलों का प्रभारी बनाया गया है. बिहार के कोशी और सीमांचल क्षेत्र में सबसे अधिक गरीबी और बेरोजगारी है. महंगी शिक्षा और बेरोजगारी ने यहां के आबादी के लिए मुश्किल खड़ा कर दिया है. मैं तमाम जगहों. पर छात्रों से संवाद कर उन्हें गोलबंद करूंगा और छात्र और युवाओं के भविष्य को कुचलने वाली सरकार के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन चलाऊगा.(रिपोर्ट:- ईमेल)
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