उन्होंने विश्वास दिलाया हैं कि शिक्षकों एवं प्रधानाचार्यों के मान-सम्मान तथा उनके हक अधिकारों की रक्षा हेतु हरसंभव प्रयास किया जाएगा और इन सबों के स्वाभिमान के साथ किसी भी परिस्थिति मे कोई समझौता नहीं किया जाएगा।शिक्षकों के विभिन्न मुद्दों को लेकर संघर्ष किया जाएगा. बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग के माध्यम से नियुक्त शिक्षकों के वेतन निर्धारण, सेवा संपुष्टि, प्रोन्नति, एरियर भुगतान सहित विभिन्न कार्यों को ससमय पूरा कराया जाएगा. सभी शिक्षकों को सहज-सुलभ रूप से अंतर विश्वविद्यालय स्थानांतरण के लिए नो- ऑब्जेक्शन दिलाया जाएगा।सभी शिक्षकों को मातृत्व अवकाश एवं पितृत्व अवकाश सहित सभी अवकाश सहज-सुलभ रूप में दिलाया जाएगा। सभी महाविद्यालयों में शिशु पालना घर एवं सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन लगवाया जाएगा.
उन्होंने बताया कि सभी शिक्षकों को सीआईए विक्षण कार्य एवं मूल्यांकन कार्य हेतु भी पारिश्रमिक का भुगतान कराया जाएगा. गुणवत्तापूर्ण शोध को बढ़ावा देने हेतु शिक्षकों के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर फेलोशिप एवं रिसर्च प्रोजेक्ट की शुरूआत करायी जाएगी. सभी महाविद्यालयों का नैक से मूल्यांकन सुनिश्चित कराने का प्रयास कराया जाएगा. सभी महाविद्यालयों में पुस्तकालय, प्रयोगशाला,ज्ञवर्ग कक्ष, स्मार्ट क्लासरूम, सेमिनार हॉल, शौचालय, वाचनालय आदि बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएगी. उन्होंने बताया कि सेवानिवृत्त शिक्षकों को नियमित रूप से पेंशन का भुगतान कराया जाएगा और सेवांत लाभ का भुगतान सेवानिवृत्ति की तिथि के दिन ही सुनिश्चित कराया जाएगा. एसबी सिन्हा कमीशन अच्छादित शिक्षकों एवं कर्मचारियों को पूर्ण वेतन, पेंशन एवं अन्य सेवांत लाभ सुनिश्चित कराया जाएगा. अतिथि सहायक प्राध्यापकों की सेवा नियमितीकरण कराया जाएगा. अतिथि शिक्षकों सहित सभी शिक्षकों को महीने के प्रथम सप्ताह में वेतन भुगतान सुनिश्चित कराया जाएगा एवं अन्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएगी.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
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