पूर्व में जब स्थानीय महाविद्यालयों में बीएड नही था तो यँहा के बहुतायत छात्र बाहर जिलों से बीएड नही करने के कारण इससे वंचित रहे लेकिन अब जब महाविद्यालयों में बीएड स्थापित किया गया तो ये भी शिक्षा माफियाओं के हत्थे चढ़ता नजर आ रहा है. निशांत यादव ने कहा कि मुझे इसमें शिक्षा माफियाओं के साथ कॉलेज और विश्वविद्यालय के मिलीभगत का अंदेशा हो रहा है. मुझे सरकारी महाविद्यालयों में बीएड विभाग को बंद कराने की साजिस का संदेह हो रहा है.
जब पूर्व में बीएनएमयू अंतर्गत एक महाविद्यालय को को एनसीटीई द्वारा ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया तब विश्वविद्यालय अगर इसे गंभीरता से लिया होता तो आज इस तरह गरीब छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नही होता. महाविद्यालय और विश्वविद्यालय प्रशाषन के अस्वासन सुनने के लिये छात्र इंतजार नही करेगा. विवि प्रशाषन त्वरित कार्यवाई कर दोनों बीएड कॉलेजों के नाम एनसीटीई लिस्ट में जुड़वाए और दोषियों पर सख्त कार्यवाई करे अन्यथा छात्रों के आक्रोश का आंदोलन के रूप में सामना करने को तैयार रहे.
छात्रों का शोषण और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ नही चलेगा. निशांत यादव ने कहा कि सोमवार को एनएसयूआई प्रतिनिधिमण्डल दोनों महाविद्यालय के प्राचार्य और कुलपति से मिलकर मेमोरंडम सौपेगी.









