सहरसा: जिले के बस्ती निवासी ओवैश करनी उर्फ चुन्नू मुखिया की दबंगई का दुखद अंत हो गया। लंबे समय से अपने मुहल्ले सहित आसपास के इलाकों में दबंगई करने वाले चुन्नू मुखिया का शराब, शबाब और विवादों से पुराना नाता रहा है. पिता करामत अली का भेड़धरी में ईंट भट्टा है, जिसे अब चुन्नू ही चलाता है. भट्ठे पर रहने वाले मजदूरों को प्रताड़ित करना इसकी नियति रही है. लड़की व महिलाओं पर हमेशा इसकी गंदी नजर बनी रहती है. अब ताजी घटना एक मजदूर की पत्नी और नाबालिग बेटी के साथ जबरदस्ती यौन शोषण करने की कोशिश से जुड़ी है. विरोध करने पर महिला के जांघ में गोली मार दी. पुलिस जांच में जो बातें सामने आई, वो न सिर्फ चौंकाने वाली हैं, बल्कि समाज को झकझोर देने वाली भी हैं. आरोप है कि चुन्नू अपने ईंट-भट्ठे और आसपास के इलाके में काम करने वाले मजदूरों और उनके परिवारों पर दबाव बनाकर उनका शोषण करता था. एक नाबालिग लड़की को अपने कमरे में बुलाकर उससे नचाने का वीडियो भी सामने आया है. ओवैश करनी उर्फ चुन्नू मुखिया की हैवानियत का आलम यह था कि एक मजदूर ने जब अपनी पत्नी और बेटी को रात में उसके कमरे में भेजने से इनकार कर दिया तो गुस्से में आकर चुन्नू मुखिया ने मजदूर की बेटी से छेड़खानी की और बीवी के जांघ में गोली मार दी. पुलिस ने बताया कि महिला मलिक बीवी के पैर में गोली लगी है, उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है. जख्मी महिला के पति के आवेदन के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया. एसपी के निर्देश पर आरोपी चुन्नू मुखिया और भट्टे पर मुंशी का काम कर रहे अमित कुमार और राधेश्याम यादव को गिरफ्तार किया गया है. जांच में यह भी पता चला कि वहां पर काम कर रही कुछ नाबालिग के साथ छेड़खानी करने की बात सामने आई है. पीड़ित लोग असम के रहने वाले हैं और ईंट भट्ठा में काम करते थे. मजदूरों ने बताया कि यह कोई नई बात नहीं है. चुन्नु मुखिया रोज देर रात शराब के नशे में आता है और किसी भी मजदूर का दरवाजा खटखटाकर बहन, बेटी या बीवी को उसके कमरे में भेजने का आदेश दे देता है. लेकिन इस बार असम के मजदूरों ने इसका विरोध किया और पुलिस से शिकायत कर दी. चुन्नु मुखिया पर एक-दो नहीं बल्कि अब तक कुल 35 आपराधिक मामले दर्ज हैं. श्रम विभाग इसके चिमनी की जांच कर रही है, जहां दर्जनों नाबालिग लड़के-लड़कियां मजदूरी करते हैं और चुन्नू मुखिया के शोषण का शिकार होते रहे हैं. कुछ माह पूर्व सहरसा बस्ती में वाहन चेकिंग कर रही पुलिस से चुन्नु मुखिया की बहस हो गई और तैश में आकर चुन्नु ने पुलिसकर्मी पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की कोशिश भी की थी. इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन बाद में दो दिनों के अंदर बेल मिल गई. आचिकारी की दबंगई का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि बीते विधानसभा चुनाव के दौरान उसने आईआईपी प्रत्याशी आईपी गुप्ता के सामने ही एक व्यक्ति की पिटाई कर दी थी. कैमरे में कैद और वायरल होने के बावजूद उसके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी थी. चुन्नु के ही ईंट-भट्ठे से पांच राष्ट्रीय पक्षी मोर को भी बरामद किया था, जो वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत गंभीर अपराध है. इसके बावजूद आरोपी का रसूख इतना था कि वह हर बार बच निकलता था.
इस बार की कार्रवाई में पुलिस ने न सिर्फ आरोपी को गिरफ्तार किया है, बल्कि उसके खिलाफ दो नए मामले भी दर्ज किए गए हैं. अभी भी चुन्नु मुखिया के ईंट भट्टे की जांच की जा रही है. महिला-पुरुष मजदूरों से बात की जा रही है. जांच के बाद और मामले भी दर्ज होने की संभावना है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब तक दर्ज 33 मामलों की भी समीक्षा की जा रही है और जरूरत पड़ने पर सख्त धाराओं में कार्रवाई की जाएगी.
(रिपोर्ट:- सुनीत साना)
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