शीतला माता मंदिर में हुए दर्दनाक भगदड़ हादसे के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई, मामले में थानाध्यक्ष निलंबित - मधेपुरा खबर Madhepura Khabar

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1 अप्रैल 2026

शीतला माता मंदिर में हुए दर्दनाक भगदड़ हादसे के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई, मामले में थानाध्यक्ष निलंबित

नालंदा: बिहार के नालंदा जिले के मघड़ा स्थित शीतला माता मंदिर में हुए दर्दनाक भगदड़ हादसे के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. इस मामले में दीपनगर थाना के थानाध्यक्ष राजमणि को निलंबित कर दिया गया है. इस कार्रवाई की पुष्टि नालंदा के एसपी भारत सोनी ने की है. बताया जा रहा है कि बिहारशरीफ स्थित मघड़ा इलाके में माता शीतला अष्टमी के दरबार में मंगलवार को अचानक भगदड़ मच गई. शीतला मंदिर मेले में भगदड़ मच गई. जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई. कई लोग घायल हो गए हैं. सूचना मिलने के काफी देर बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बचाव का काम शुरू किया गया. घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया.घटना के बाद से ही प्रशासनिक लापरवाही को लेकर सवाल उठ रहे थे. इसी कड़ी में अब जिम्मेदारी तय करते हुए जिले के एसपी भारत सोनी ने दीपनगर थाना के थानाध्यक्ष राजमणि को सस्पेंड कर दिया है. सूत्रों के अनुसार, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक सामने आई थी. प्रत्यक्षदर्शियों ने भी मौके पर पर्याप्त पुलिस बल और नियंत्रण व्यवस्था नहीं होने का आरोप लगाया था. इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए एसपी ने तत्काल प्रभाव से थानाध्यक्ष को सस्पेंड कर दिया. वहीं, पूरे मामले की जांच जारी है और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है. प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और सख्त कदम उठाए जाएंगे. इस घटना के बाद इलाके में अभी भी शोक का माहौल है, वहीं लोगों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि दोषियों पर और क्या कार्रवाई होती है.
नालंदा हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चैत महीने के आखिरी मंगलवार को शीतला अष्टमी के मौके पर मंदिर में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे. भीड़ इतनी ज्यादा थी कि लोगों को खड़े रहने तक की जगह नहीं मिल रही थी. इसी दौरान अचानक अफरा-तफरी मची और लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे, जिससे भगदड़ की स्थिति बन गई. घटना स्थल पर मौजूद कई लोगों ने बताया कि शुरुआत में दर्शन के लिए लाइन बनाई गई थी, लेकिन भीड़ बढ़ने के साथ ही नियंत्रण पूरी तरह खत्म हो गया. कुछ श्रद्धालुओं का कहना है कि धक्का-मुक्की के दौरान कई लोग चक्कर खाकर गिर पड़े और उनके ऊपर अन्य लोग चढ़ते चले गए, जिससे मौतें हुईं. घटना के बाद सामने आए कुछ चौंकाने वाले आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया है. स्थानीय लोगों और घायलों का दावा है कि मंदिर परिसर में कुछ लोग पैसे लेकर ‘सीधे प्रवेश’ करवा रहे थे. आरोप है कि 500 रुपये देने वालों को लाइन से अलग कर सीधे अंदर भेजा जा रहा था, जबकि बाकी लोग लंबी लाइन में फंसे थे. घायल महिलाओं और अन्य श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया कि मौके पर पर्याप्त पुलिस या प्रशासनिक व्यवस्था नहीं थी. एक महिला श्रद्धालु ने बताया कि “इतनी बड़ी भीड़ के बावजूद कोई कंट्रोल नहीं था, न ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे.” कई लोगों का कहना है कि अगर पहले से भीड़ प्रबंधन की उचित तैयारी होती, तो यह हादसा टाला जा सकता था.
(रिपोर्ट:- सुनीत साना)
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