महोत्सव के अंतिम दिन कलाकारों ने बांधा समां, यादगार रहा कार्यक्रम - मधेपुरा खबर Madhepura Khabar

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27 फ़रवरी 2020

महोत्सव के अंतिम दिन कलाकारों ने बांधा समां, यादगार रहा कार्यक्रम

नवाचार रंगमंडल की प्रस्तुति
सिंहेश्वर
सिंहेश्वर महोत्सव के मंच पर बुधवार को स्थानीय कलाकारों ने अपनी कला संस्कृति का अनूठा प्रदर्शन किया. गायक नारायण कुमार के गीत से कार्यक्रम की शुरुआत हुई.
                      उसके बाद गायक श्रवण कुमार, पुष्पलता कुमारी, धीरेंद्र यादव और शिवाली के गीतों को दर्शकों ने खूब सराहा. स्थानीय कलाकार आदित्य ने रिकार्डिंग डांस की प्रस्तुति दी. महोत्सव में नवाचार रंगमंडल के कलाकारों ने लोगों को देशभक्ति गानों पर झूमने पर विवश कर दिया. कलाकारों ने देशभक्ति जुड़े एक से बढ़कर एक गानों पर झांकियां प्रस्तुत की.
पार्श्वगायक विपिन सचदेवा
                   जिसमें हर्षिता कुमारी, पूजा कुमारी, परी कुमारी, प्रेरणा पंकज, प्रतीक पंकज - संयुक्ता कुमारी, नितिन राज, कार्तिक कुमार, चिराग कुमार, प्रवीण कुमार, युवराज कुमार, शाहिद अंजुम, शाहिद, अमर कुमार, अविनाश कुमार, आतिफ, अमित कुमार अंशु मौजूद रहे. कार्यक्रम में विश्व नशा उन्मूलन के गंगा दास ने अपनी प्रस्तुति से नशा सेवन नहीं करने का संदेश दिया.
                     स्थानीय कलाकारों के दौर में कत्थक नृत्यांगना कुमारी चंदा ने अपनी बेहतर प्रस्तुति से दर्शकों को भाव विभोर किया. ग्रीन फील्ड इंटरनेशनल स्कूल के बच्चों ने लोकगीत पर नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया. वही महोत्सव में बॉलीवुड के पार्श्व गायक विपिन सचदेवा ने अपनी प्रस्तुति से महोत्सव के आखिरी पल को यादगार बना दिया. अपनी गायिकी के लिए मंच पर विपिन सचदेवा के पहुंचते ही दर्शकों में भारी उत्साह दिखा.
ग्रीन फील्ड इंटरनेशनल स्कूल की प्रस्तुति
          दर्शकों का अभिवादन करते हुए विपिन सचदेवा ने एक से बढ़कर एक मनमोहक गीतों से लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया. सिंहेश्वर महोत्सव की आखिरी शाम विपिन सचदेवा ने जब अपनी खनकती आवाज में रफी साहब के गाए हुए गीत "लिखे जो खत तुम्हें वो तेरी याद में" गाया तो पूरा माहौल झूम उठा.
                       हजारों की संख्या में श्रोताओं को उनकी सुरीली आवाज ने दीवाना बना दिया. उन्होंने जब "ये रेशमी जुल्फें" गीत की प्रस्तुति दी तो दर्शकों के बीच तालियों की गड़गड़ाहट शुरू हो गयी. हजारों की संख्या में श्रोताओं ने खड़े होकर उनका सम्मान किया. विपिन सचदेवा की प्रस्तुतियों के बीच सबसे मजेदार पल तब आया जब उनके गीतों पर सुर में सुर मिलाकर दर्शक भी गुनगुनाने लगे.

                           विपिन सचदेवा ने अपनी गायिकी से पूरे महोत्सव को न केवल यादगार बनाया बल्कि अपनी प्रतिभा की अमिट छाप भी छोड़ी. कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विभिन्न फिल्मों के रोमांचक गीतों से घंटो दर्शकों का मनोरंजन किया. सिंहेश्वर महोत्सव की आखिरी शाम को यादगार बनाने मेंं स्थानीय कलाकारों ने भी अहम योगदान दिया. कार्यक्रम स्थल पर दर्शक विपिन सचदेवा का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे.
                            जैसे हीं वे मंच पर पहुंचे कि फैंस का क्रेज बढ़ गया. क्या बच्चे क्या महिलाएं सभी ने विपिन सचदेवा के गानो पर खूब ठुमके लगाए. जिला प्रशासन की ओर से सभी विपिन सचदेवा सहित सभी स्थानीय कलाकारों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया.
(रिपोर्ट:- गणेश कुमार गुप्ता / फोटोग्राफ:- दिलखुश) 

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