मधेपुरा: जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में बुधवार को जिला प्रशासन की ओर से "बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ" योजना के तहत लैंगिक समानता, घरेलू हिंसा एवं महिलाओं की सुरक्षा के प्रति पुरुषों की भागीदारी विषय पर आधारित जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ डीएम विजय प्रकाश मीणा, एसपी राजेश कुमार, डीडीसी नितिन कुमार सिंह, प्राचार्य डॉ. भूपेंद्र प्रसाद ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी प्रकार के हिंसा का विरोध हमें अपने परिवार, मित्र एवं समाज से प्रारंभ करनी चाहिए. जब तक अपराध सहते रहेंगे तब तक अपराध होते रहेगा. अपराध करने वाले से ज्यादा अपराध सहने वाला अपराधी होता है. इसीलिए अपराध सहें नहीं, अपराध के विरुद्ध मिलकर आवाज उठाएं.
एसपी राजेश कुमार ने कहा कि हिंदू धर्म में जितना सम्मान देवताओं को है, उतना ही सम्मान देवियों को भी है. ब्रिटिश काल में महिला हिंसा के खिलाफ राजा राममोहन राय जैसे कई महापुरुष आवाज उठाए थे. मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. भूपेंद्र प्रसाद ने कहा कि लैंगिक समानता का अर्थ यह नहीं है कि समाज का प्रत्येक व्यक्ति एक लिंग का हो, अपितु लैंगिक समानता का सीधा सा अर्थ है समाज में महिला तथा पुरुष के समान अधिकार, दायित्व तथा रोजगार के अवसरों के परिपेक्ष्य में है. महिला और पुरुष समाज के मूल आधार हैं. आइसीडीएस की डीपीओ रश्मि कुमारी ने कहा कि महिलाओं को अब डरने की जरूरत नहीं है. महिलाओं से संबंधित सभी तरह के समस्या के समाधान के लिए समाहरणालय परिसर में वन स्टॉप सेंटर एवं जिला हब एंपावरमेंट ऑफ वीमेन कार्यालय संचालित है. जिसके तहत महिलाओं को महिलाओं से संबंधित सभी तरह की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
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