नगर परिषद के मुख्य पार्षद ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र - मधेपुरा खबर Madhepura Khabar

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13 जनवरी 2024

नगर परिषद के मुख्य पार्षद ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र

मधेपुरा: नगर परिषद के मुख्य पार्षद कविता कुमारी साह ने देश के प्रधानमंत्री, राज्य के मुख्यमंत्री एवं रेल मंत्री को पत्र लिखकर लाइट ओवर ब्रिज बनाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि मधेपुरा के रेल समपार संख्या 90B मधेपुरा - पतरघट मार्ग पर बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के द्वारा 1189 मीटर का आरओबी का निर्माण कराया जा रहा, जो व्यावसायिक दृष्टिकोण से उचित नहीं है. मधेपुरा का मुख्य व्यवसायिक केंद्र कर्पूरी चौक एवं सुखासन रोड के व्यवसायियो एवं उनके सैकड़ो कर्मचारी के समक्ष रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो जाएगी. मधेपुरा मात्र तीन किलोमीटर का छोटा शहर है. उसमें 1189 मीटर से अधिक का ओवर ब्रिज बनाये जाने से बड़ेे, छोटे एवं फुटकर दुकानदारों के व्यवसाय पर काफी असर पड़ेगा. 
जबकि मधेपुरा का मुख्य व्यावसायिक केंद्र सुखासन रोड से लेकर थाना चौक तक ही है. मधेपुरा शहर में ग्रामीण क्षेत्र के ग्राहक आते हैं. उल्लेखनीय है कि रेलवे स्टेशन के 1 किलोमीटर पश्चिम NH 107 पर ओवर ब्रिज का निर्माण का कार्य अंतिम चरण में है, जो नगर परिषद क्षेत्र वार्ड संख्या 22 में भूपेंद्र नारायण मंडल वाणिज्य महाविद्यालय के पास अवस्थित है. पतरघट मार्ग को नगर परिषद क्षेत्र के आरपीएम कॉलेज के पास जोड़ता है ,बावजूद इसके समपार सं 90 B पर ओवर ब्रिज का बनना सरकार के करोड़ों रुपए की बर्बादी है. लिहाजा कम खर्च और काम जगह पर लाइट ओवर ब्रिज का निर्माण करना उचित होगा. लाइट ओवर ब्रिज के लिए रेलवे के पास अपनी पर्याप्त खाली भूमि है. पत्र में रेलवे का रेक पॉइंट को मधेपुरा से शिफ्ट कर बुधमा स्टेशन पर बनाए जाने की बात भी कही गई है. इतना ही नहीं कर्पूरी चौक तथा रेल समपार सं -90 B से मात्र 100 मीटर की दूरी पर पूर्वी बाईपास रोड अवस्थित है. जिस पर एलाइनमेंट वदल कर ओवरब्रिज बनाया जा सकता है. बाईपास पर ओवर ब्रिज बनाने से किसी भी तरह का कोई दिक्कत नही होगी और राज्य सरकार की जमीन भी पर्याप्त है. 
वहीं दूसरी ओर मधेपुरा शहर "बचाओ संघर्ष मोर्चा के द्वारा अंचल कार्यालय एवं भू-अर्जन विभाग के अमीन के द्वारा ओवर ब्रिज के लिए की जा रही जमीन मापी पर सवाल उठाते हुए कहा है कि मापी के लिए सबसे बड़ी जरूरत होती है पूर्व में निर्धारित सीमा, बिना सीमा निर्धारण किए सरकारी अमीन के द्वारा निजी जमीन को नाप कर सरकारी बता रहे हैं जो सरासर गलत है और इससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल है. वहीं सरकार के द्वारा कराई जा रहे हैं नापी के बाद यह बात सामने आई है कि कर्पूरी चौक से लेकर पूर्णिया गोला चौक तक कहीं 36 फीट तो कहीं 40 फीट का रोड है. ऐसे में ओवरब्रिज का निर्माण बिना निजी जमीन अधिग्रहण किए हुए नहीं हो सकता है, जबकि ओवर ब्रिज के टेंडर से पूर्व या कहा गया था कि किसी की निजी जमीन नहीं ली जाएगी. 
(रिपोर्ट:- ईमेल) 
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