मधेपुरा: पिछले दिनों मधेपुरा खबर में प्रकाशित खबर सदर अस्पताल के ओपीडी में तीन घंटे देरी से पहुंची डॉ का खबर प्रकशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आयी. इस पर संज्ञान लेते हुए सीएस डॉ मिथिलेश ठाकुर ने महिला चिकित्सक डॉ निशा कुमारी से शोकॉज पूछा है. मालूम हो कि बीते 6 जनवरी को मधेपुरा खबर की टीम सदर अस्पताल के ओपीडी में पहुंची. जहां प्रसव होने के बाद डॉक्टर के इंतजार में दर्द से एक महिला को छटपटाते हुए देखा गया. महिला के पति सदर थाना क्षेत्र के श्रीपुर निवासी सागर कुमार ब्रजेश ने बताया कि बीती रात अपनी पत्नी को डिलीवरी के लिए सदर अस्पताल मधेपुरा में भर्ती करवाया, जहां डॉक्टरों की कमी रहने के कारण डिलीवरी होते ही बच्चे की मौत हो गई. फिर भी इस कड़ाके की ठंड में रात से सुबह तक महिला डॉक्टर के आने का इंतजार करते रहे लेकिन, महिला डॉक्टर 11:00 बजे दिन तक नहीं आई. इस दौरान पेशेंट दर्द से छटपटाती रही और ब्लडिंग होता रहा, लेकिन पेशेंट का सुदी लेने वाला कोई नहीं था.
जिस डॉक्टर का ड्यूटी सुबह था वह अपने निर्धारित समय से 3 घंटे विलंब से पहुंची. इस दौरान जब पेशेंट के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधक से पूछा तो उन्होंने बताया कि 23 किलोमीटर की दूरी तय कर सहरसा से मधेपुरा सदर अस्पताल आने में समय लगता है इसलिए लेट हो गया. जबकि बिहार सरकार द्वारा निर्देश जारी किया गया है कि अस्पताल में तैनात सभी डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी अस्पताल से 7 किलोमीटर के दायरे में ही अपना आवास रखें. इसके बावजूद भी सदर अस्पताल, मधेपुरा के डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी कानून को तख़्त पर रखकर सहरसा से मधेपुरा 23 किलोमीटर की दूरी तय कर अपने निर्धारित समय से 3 घंटे की देरी से सदर अस्पताल पहुंचते हैं. इस मामले को मधेपुरा खबर की टीम ने प्रमुखता से दिखा. जिसके बाद खबर प्रकशित होते ही स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी हरकत में आए और लापरवाह डॉक्टर से शोकॉज पूछा गया. वहीं सीएस डॉ मिथिलेश ठाकुर ने चिकित्सक से चौबीस घंटे के अंदर शोकॉज का जवाब देने कहा था, संतोषजनक कार्रवाई नहीं होने पर विभागीय कार्रवाई के लिए विभाग को लिखने की बात कही थी.
(रिपोर्ट:- सुनीत साना)
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