मधेपुरा
जिला मुख्यालय में डीएम आवास के आगे नदी के आगे से गुजरने वाली भागलपुरिया सड़क का निर्माण कार्य आज भी अधूरा है जिसके कारण लोगों की परेशानी लगातार बनी हुई है.
खासकर थोड़ी भी बारिश होने से सड़क की हालत काफी खराब हो जाती है. ज्ञातव्य हो कि दी गई निविदा के अनुसार संवेदक जितेंद्र कुमार को तीस नवम्बर 2818 से 28अगस्त 2819 तक इस कार्य को खत्म कर देना था लेकिन संवेदक की शिथिलता और प्रशासन की लापरवाही के कारण निर्धारित समय से पांच माह अधिक हो जाने के बाद भी निर्माण का कार्य अधूरा है.
कुछ लोगों के द्वारा निर्माण में आ रही बाधा के समाधान को लेकर स्थानीय लोगों सहित नया नगर मदनपुर में मौजूद एक निजी विद्यालय प्रशासन ने भी कई बार सीओ, एसडीओ से लेकर डीएम तक आवेदन देकर कारवाई की मांग की लेकिन हर बार आश्वासन देकर मामले को निपटाने के बजाय ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है. स्थानीय कुछ परेशानी के कारण लगभग 300 मीटर की दूरी तक सड़क का काम आज तक लटका हुआ है.
बारिश के समय में जलजमाव के कारण यह सड़क काफी खतरनाक हो जाता है और आम लोगों के साथ साथ खासकर विद्यालय जाने वाले सैकड़ों बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. विद्यालय संचालिका की माने तो कई बार रास्ते कि परेशानी के कारण विद्यालय को बन्द भी करना पड़ता है जिससे बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ता है.
आम लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन ने हस्तक्षेप कर यथाशीघ्र बचे निर्माण कार्य को सुरु नहीं करवाया तो प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद किया जाएगा.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
जिला मुख्यालय में डीएम आवास के आगे नदी के आगे से गुजरने वाली भागलपुरिया सड़क का निर्माण कार्य आज भी अधूरा है जिसके कारण लोगों की परेशानी लगातार बनी हुई है.
खासकर थोड़ी भी बारिश होने से सड़क की हालत काफी खराब हो जाती है. ज्ञातव्य हो कि दी गई निविदा के अनुसार संवेदक जितेंद्र कुमार को तीस नवम्बर 2818 से 28अगस्त 2819 तक इस कार्य को खत्म कर देना था लेकिन संवेदक की शिथिलता और प्रशासन की लापरवाही के कारण निर्धारित समय से पांच माह अधिक हो जाने के बाद भी निर्माण का कार्य अधूरा है.
कुछ लोगों के द्वारा निर्माण में आ रही बाधा के समाधान को लेकर स्थानीय लोगों सहित नया नगर मदनपुर में मौजूद एक निजी विद्यालय प्रशासन ने भी कई बार सीओ, एसडीओ से लेकर डीएम तक आवेदन देकर कारवाई की मांग की लेकिन हर बार आश्वासन देकर मामले को निपटाने के बजाय ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है. स्थानीय कुछ परेशानी के कारण लगभग 300 मीटर की दूरी तक सड़क का काम आज तक लटका हुआ है.
बारिश के समय में जलजमाव के कारण यह सड़क काफी खतरनाक हो जाता है और आम लोगों के साथ साथ खासकर विद्यालय जाने वाले सैकड़ों बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. विद्यालय संचालिका की माने तो कई बार रास्ते कि परेशानी के कारण विद्यालय को बन्द भी करना पड़ता है जिससे बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ता है.
आम लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन ने हस्तक्षेप कर यथाशीघ्र बचे निर्माण कार्य को सुरु नहीं करवाया तो प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद किया जाएगा.
(रिपोर्ट:- ईमेल)









