डेस्क: कोशी क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक डॉ कुमार आशीष ने कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करने तथा लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन को लेकर सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जिलों के पुलिस अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की. बैठक में सहरसा के पुलिस अधीक्षक हिमांशु, सुपौल के एसपी शरथ आर.एस. तथा मधेपुरा के एसपी डॉ संदीप सिंह सहित सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, डीएसपी मुख्यालय, साइबर एवं यातायात पदाधिकारी मौजूद रहे. बैठक के दौरान डीआईजी ने कोशी क्षेत्र में लंबित कांडों की स्थिति पर गंभीर चिंता जताते हुए एक विशेष अभियान चलाकर एक सप्ताह के भीतर एक हजार मामलों के निष्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया. उन्होंने निर्देश दिया कि जिलावार लंबित मामलों का माहवार लक्ष्य तय किया जाए और दर्ज मामलों की तुलना में कम-से-कम 25 प्रतिशत अधिक कांडों का निष्पादन सुनिश्चित किया जाए. इसके साथ ही सभी थानों में डीआईजी ने समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश, लंबित कांडों पर विशेष अभियान चालने का भी निर्देश थानों में पीपुल फ्रेंडली अभियान शुरू, आमजनों के लिए सुविधाएं बढ़ाने पर जोर, हुई विस्तृत समीक्षा आगंतुक पंजी अनिवार्य रूप से रखने और प्रतिदिन आने वाले लोगों का विवरणदर्ज करने का निर्देश दिया गया. डीआईजी ने स्पष्ट कहा कि थानों में आने वाली हर शिकायत और आवेदन पर त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि आम लोगों का पुलिस पर भरोसा मजबूत हो सके. बैठक में 3 अप्रैल से कोशी क्षेत्र में पीपुल फ्रेंडली अभियान शुरू करने की घोषणा भी की गई. इस अभियान के तहत थाने में आने वाले लोगों के लिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की जाएगी. साथ ही उनके साथ आने वाले छोटे बच्चों के लिए बिस्किट जैसी अल्पाहार की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि पुलिस जन संवाद को सहज और सकारात्मक बनाया जा सके. साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए साइबर डीएसपी को विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और स्कूलों में जाकर जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया. इसका उद्देश्य युवाओं और बच्चों को ऑनलाइन ठगी और अन्य साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना है. बैठक के अंत में विगत तीन महीनों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. डीआईजी ने सभी अधिकारियों को इसी तरह सक्रियता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते रहने का निर्देश दिया, ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और अधिक मजबूत हो सके.
(रिपोर्ट:- सुनीत साना)
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