मधेपुरा: वाम छात्र संगठन एआईएसएफ के बीएनएमयू प्रभारी सह आरटीआई एक्टिविस्ट हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने वर्ष 2020 के बाद बीएनएमयू में हुए सीनेट, सिंडिकेट सहित क्रय विक्रय समिति, वित्त समिति के बैठक व फैसलों पर सवाल खड़ा करते हुए पिछले दो साल में विश्वविद्यालय के सर्वोच्च सदन के औचित्य को भी कटघरे में खड़ा किया है. एआईएसएफ नेता सह आरटीआई एक्टिविस्ट राठौर द्वारा सूचना के अधिकार के तहत चुनाव की नियमावली व आखिरी चुनाव की तिथि व सदस्यों की सूची मांग करने के बाद विश्वविद्यालय ने भेजे जवाब में बताया है कि वर्ष 2017 में आखिरी दफा सीनेट, सिंडिकेट का चुनाव हुआ था उसके बाद अब तक चुनाव नहीं हुआ.
राठौर ने सवालिया लहजे में कहा कि विश्वविद्यालय के जवाब से साफ है कि दोनों सदनों व सम्बन्धित समितियों का कार्यकाल दो साल पहले 2020 में खत्म हो चुका।इसके अतिरिक्त कई सदस्य पूर्णिया विश्वविद्यालय के हिस्सा बन चुके वहीं कई सदस्यों सेवानिवृत भी. जिससे संख्या बल भी कम है. उसके बाद किन हालातों में लोकतांत्रिक मर्यादा को नजर अंदाज करते हुए चुनाव कराने के बजाय अवैध सदन से बैठकें कराई गई. वहीं राठौर ने निर्वाचित सदस्यों द्वारा नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देते हुए चुनाव की मांग करने के बजाय अवैध रूपेण बैठकों का हिस्सा बनने पर आश्चर्य व्यक्त किया. राठौर ने विश्वविद्यालय की नियत पर शंका व्यक्त करते हुए कहा कि कार्यकाल पूरा करने के बाद भी चुनाव की पहल नहीं करना टर्म पूरा कर चुके सदस्यों को यूज कर अपने मनोनुकूल फैसले लेने की साजिश लगती है इसका सबसे बड़ा उदाहरण कई बैठकों में निर्वाचित सदस्यों के बिना भी निर्णय लेना है.
जबकि नियमानुसार निर्वाचित व मनोनीत सदस्यों के बिना फैसला मान्य ही नहीं हो सकता. टर्म पूरा कर चुके सदस्य चाहकर भी सदन में मुखर नहीं हो पाते बल्कि उल्टे वो निरीह बने रहते हैं. यही कारण है कि विगत दो तीन वर्षों की बैठकें पहले की तरह धारदार होने के बजाय कमोबेश खाने पीने और अटैची उठाने तक सीमित रह गई है. राठौर ने कुलपति से मांग किया कि अविलंब सीनेट, सिंडिकेट,वित्त समिति, क्रय विक्रय समिति के चुनाव व गठन की पहल की जाए साथ ही निर्वाचित सदस्यों से अपील भी किया कि नैतिकता के आधार पर उन्हें भी चुनाव की मांग करनी चाहिए जिससे सर्वोच्च सदन की लोकतांत्रिक कवच पर सवाल न उठे।छात्र नेता राठौर ने कहा कि संगठन इस सम्बन्ध में राजभवन व सरकार से भी पत्राचार करेगा कि मनोनीत जिन सदस्यों का वैध कार्यकाल पूरा हो चुका है उस पर नए सिरे से मनोनयन करे.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
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