मधेपुरा: महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार तथा जिलाधिकारी अभिषेक रंजन के निर्देशानुसार अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर शनिवार को जिले में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. इस दौरान छात्राओं के बीच वाद-विवाद, निबंध, पेंटिंग एवं खेल-कूद प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं. साथ ही प्रखंड एवं जिला स्तर पर विभिन्न स्थानों पर 100 पौधों का रोपण किया गया. कार्यक्रम के तहत एसएनपीएम प्लस टू विद्यालय, मधेपुरा में वाद-विवाद प्रतियोगिता, केशव कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय में निबंध प्रतियोगिता, मध्य विद्यालय भर्राही बाजार में पेंटिंग प्रतियोगिता तथा इंडोर स्टेडियम, मधेपुरा में खेल-कूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. निबंध प्रतियोगिता में वैष्णवी कुमारी ने प्रथम, श्रुति आर्य ने द्वितीय तथा रुचि कुमारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया. वहीं, पेंटिंग प्रतियोगिता में लक्ष्मी कुमारी प्रथम, अनुराधा कुमारी द्वितीय तथा पूजा कुमारी तृतीय स्थान पर रहीं. कार्यक्रम का शुभारंभ जिला विधिक सेवा प्राधिकार, मधेपुरा की सचिव पूजा कुमारी एवं जिला प्रोग्राम पदाधिकारी-सह-नोडल पदाधिकारी सीमा कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. इस अवसर पर रंगकर्मी विकास कुमार के नेतृत्व में सृजन दर्पण की टीम ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया. टीम की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भर दिया. बालिकाओं को समान अधिकार देना समाज की जिम्मेदारी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार, मधेपुरा की सचिव पूजा कुमारी ने कहा कि भारतीय संविधान सभी नागरिकों को समानता और समान अधिकार प्रदान करता है. बालिकाओं को भी बिना किसी भेदभाव के शिक्षा, सुरक्षा, विकास और न्याय प्राप्त करने का अधिकार है. केवल लड़की होने के कारण किसी बालिका के साथ भेदभाव करना न्यायपूर्ण समाज की भावना के विपरीत है. उन्होंने कहा कि बालिकाओं के सामने बाल विवाह, बाल श्रम, लैंगिक भेदभाव, उत्पीड़न और शिक्षा से वंचित होने जैसी प्रमुख चुनौतियां हैं. बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत बाल विवाह की रोकथाम के लिए कानूनी प्रावधान किए गए हैं. इसके अलावा बालिकाओं के संरक्षण और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए विभिन्न कानून लागू हैं. उन्होंने बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने तथा उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया.
शिक्षित और आत्मनिर्भर बालिकाएं समाज की शक्तिजिला प्रोग्राम पदाधिकारी-सह-नोडल पदाधिकारी सीमा कुमारी ने कहा कि बालिकाएं हमारे समाज की शक्ति हैं. वे परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. यदि कोई बालिका शिक्षित, स्वस्थ, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनती है, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर सभी को बाल विवाह रोकने, बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने, उनके अधिकारों की रक्षा करने तथा सुरक्षित और समानतापूर्ण समाज के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लेना चाहिए. कार्यक्रम में जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी अनंत कुमार, जिला मिशन समन्वयक इमरान आलम, केंद्र प्रशासक कुमारी शालिनी, लैंगिक विशेषज्ञ राजेश कुमार, मुमताज आलम, वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ अभिमन्यु कुमार, लेखा सहायक नव्या भारती, प्रधानाध्यापक आयुष झा, कार्यालय सहायक राकेश कुमार, एमटीएस दीपक कुमार, शिक्षिका पूजा कुमारी, शिक्षक राजा कुमार सहित कई छात्राएं उपस्थित थीं. कार्यक्रम का संचालन शारीरिक शिक्षक अरुण कुमार ने किया.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
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