पीजी में ऑनलाइन आवेदन शुल्क दोगुना करने पर छात्र जदयू ने जताई नाराजगी - मधेपुरा खबर Madhepura Khabar

 

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9 अक्टूबर 2026

पीजी में ऑनलाइन आवेदन शुल्क दोगुना करने पर छात्र जदयू ने जताई नाराजगी

मधेपुरा: भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (बीएनएमयू) में पीजी प्रथम सेमेस्टर सत्र 2026-28 के ऑनलाइन आवेदन शुल्क में अचानक वृद्धि किए जाने पर छात्र जदयू ने नाराजगी जताई है. छात्र जदयू के बीएनएमयू अध्यक्ष निखिल सिंह यादव ने इस संबंध में कुलपति प्रो. बीएस झा को ईमेल के माध्यम से पत्र भेजकर शुल्क वृद्धि पर पुनर्विचार करने और ऑनलाइन आवेदन की संशोधित तिथि जारी करने की मांग की है. पत्र में निखिल सिंह यादव ने कहा है कि बिहार लोकभवन/राजभवन सचिवालय, पटना के निर्देश पर कुलपति ने छात्रहित में बड़ा निर्णय लेते हुए सत्र 2026-30 से स्नातक प्रथम सेमेस्टर में समर्थ पोर्टल के माध्यम से नामांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था शुरू की. इसमें सभी कोटि के छात्र-छात्राओं के लिए आवेदन शुल्क 150 रुपये निर्धारित किया गया था. वहीं, पीजी प्रथम सेमेस्टर सत्र 2026-28 के लिए ऑनलाइन आवेदन शुल्क 300 रुपये निर्धारित किया गया है, जो स्नातक आवेदन शुल्क की तुलना में दोगुना है. 
उन्होंने बताया कि पांच अक्टूबर 2026 को डीएसडब्ल्यू प्रो. उमाशंकर चौधरी और एडमिशन नोडल डॉ. ओंकारनाथ मिश्रा के संयुक्त हस्ताक्षर से पीजी में नामांकन के लिए सूचना जारी की गई. इसके अनुसार ऑनलाइन आवेदन की अवधि पांच से 20 अक्टूबर तक निर्धारित की गई है. हालांकि, उनका आरोप है कि आवेदन की तिथि घोषित होने के बावजूद पोर्टल नहीं खुला है. इससे विद्यार्थियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है. निखिल सिंह यादव ने सवाल उठाया कि जब ऑनलाइन आवेदन की आवश्यक तैयारियां पूरी नहीं थीं, तो आवेदन की तिथि पहले ही क्यों जारी कर दी गई. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को तिथि घोषित करने से पहले पोर्टल सहित सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को परेशानी का सामना न करना पड़े. उन्होंने कुलपति से पीजी प्रथम सेमेस्टर के ऑनलाइन आवेदन शुल्क में की गई वृद्धि पर पुनर्विचार करने तथा शुल्क को छात्रहित में निर्धारित करने की मांग की. साथ ही, ऑनलाइन आवेदन के लिए संशोधित तिथि जारी करने का आग्रह किया. उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर विचार नहीं किए जाने पर छात्र जदयू लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को मजबूर होगा.

(रिपोर्ट:- ईमेल)

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