मधेपुरा: पार्वती विज्ञान महाविद्यालय, मधेपुरा के शिक्षा शास्त्र विभाग (बीएड) की ओर से पांच दिवसीय नाट्य कार्यशाला का शुभारंभ सोमवार को महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) पवन कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. कार्यक्रम की शुरुआत में शिक्षा शास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. हरे कृष्ण वर्मा ने सभी अतिथियों एवं प्रशिक्षुओं का स्वागत किया. प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) पवन कुमार ने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि ‘ड्रामा एंड आर्ट इन एजुकेशन’ विषय से संबंधित यह कार्यशाला छात्र-अध्यापकों एवं शिक्षकों के लिए काफी महत्वपूर्ण है. कार्यशाला के माध्यम से छात्र-छात्राएं शारीरिक क्रियाओं, हाव-भाव, अभिनय तथा संवाद कौशल की बारीकियों को सीख सकेंगे. शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम में इस तरह की कार्यशाला से प्रशिक्षुओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा तथा वे शारीरिक एवं मानसिक समझ के साथ अपनी बातों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का कौशल विकसित कर सकेंगे. टीपी कॉलेज के शिक्षा शास्त्र विभाग में प्रदर्शन कला के प्राध्यापक डॉ. मदन मोहन कुमार ने अतिथि प्रशिक्षक के रूप में कार्यशाला के पहले दिन विभिन्न प्रकार की शारीरिक क्रियाओं एवं हाव-भाव का प्रशिक्षण दिया. उनका प्रशिक्षण छात्र-अध्यापकों के लिए उपयोगी एवं रुचिकर रहा. कार्यक्रम के संयोजक एवं प्रदर्शन कला के मुख्य प्रशिक्षक डॉ. संजीत कुमार ने बताया कि कार्यशाला में प्रशिक्षु जो भी नाट्य एवं प्रदर्शन कला संबंधी कौशल सीखेंगे, उसका प्रदर्शन 26 सितंबर को किया जाएगा। इस दौरान एकांकी, नुक्कड़ नाटक, माइम आदि की प्रस्तुति दी जाएगी. शिक्षा शास्त्र विभाग के वरीय प्राध्यापक डॉ. श्याम कुमार ने भी प्रशिक्षुओं को नाटक विधा से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी. कार्यक्रम में डॉ. राम सिंह, डॉ. कुमारी परिणीता, डॉ. अलानूर एवं डॉ. मोहम्मद जहांगीर उपस्थित रहे. मंच संचालन प्रो. अजय अंकोला ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुजीत कुमार ने किया.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
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