समूह लोकगीत विधा के निर्णायक मंडल में प्रो. रीता कुमारी, प्रो. अरुण कुमार बच्चन और कुमारी पुष्पलता शामिल थीं। समूह लोकनृत्य में प्रो. संजीव कुमार, उमेश राम और आरोही कुमारी ने निर्णायक की भूमिका निभाई. नुक्कड़ नाटक विधा में सुनीत साना, अमित कुमार अंशु, अमित आनंद और सुभाष चंद्र निर्णायक मंडल में शामिल रहे. कविता लेखन में डॉ. भूपेंद्र नारायण मधेपुरी, डॉ. शांति यादव, डॉ. हर्षवर्धन सिंह राठौड़ और विकास कुमार ने मूल्यांकन किया. वहीं, चित्रकला प्रतियोगिता में अविनाश कुमार, विनोद कुमार रजक और कृष्ण कुमार झा ने निर्णायक की भूमिका निभाई.
विभिन्न विधाओं में ये रहे विजेताप्रतियोगिता के परिणामों के अनुसार, समूह लोकगीत विधा में मधुबाला भारती एवं साथी ने प्रथम, खुशबू प्रवीण एवं साथी ने द्वितीय तथा हर्षिता एवं कृष्ण की टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया. समूह लोकनृत्य में तनु राज एवं साथी प्रथम तथा माही कुमारी एवं साथी द्वितीय स्थान पर रहे. नुक्कड़ नाटक विधा में निखिल कुमार एवं साथी ने प्रथम तथा सुभाष कुमार एवं साथी ने द्वितीय स्थान हासिल किया. कविता लेखन में शिवानी कुमारी प्रथम, सौरभ कुमार द्वितीय और शिवम कुमार तृतीय स्थान पर रहे. चित्रकला प्रतियोगिता में अमीषा कुमारी ने प्रथम, रिया कुमारी ने द्वितीय तथा कशिश पोद्दार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया. कार्यक्रम का मंच संचालन संगीत शिक्षिका शशिप्रभा जायसवाल ने किया. आयोजन समिति के सदस्य शिक्षक सुरेश कुमार शशि, रंजना कुमारी, कुमार लाल दास और मिथुन कुमार गुप्ता ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया. युवा उत्सव के आयोजन से प्रतिभागियों को अपनी कला और रचनात्मक क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिला. विभिन्न विधाओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों में उत्साह देखा गया. जिले के अधिकांश सरकारी विद्यालयों में संगीत शिक्षकों की नियुक्ति की गई है, इसके बावजूद जिला स्तरीय युवा उत्सव में सरकारी विद्यालयों की शत प्रतिशत भागीदारी नहीं होना चिंता का विषय है. यह स्थिति कहीं न कहीं सरकारी विद्यालयों की उदासीनता को भी दर्शाती है. विद्यालयों में संगीत शिक्षकों की उपलब्धता के बावजूद विद्यार्थियों को युवा उत्सव जैसे मंचों पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर नहीं मिलना, विभागीय प्रयासों और विद्यालयों की सक्रियता पर सवाल खड़े करता है.
(रिपोर्ट:- गरिमा उर्वशी)
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