विदित हो कि 16 अक्टूबर को दिनदहाड़े हुई थी वारदात
16 अक्टूबर को दिन के करीब 11 बजे साहुगढ़-गोड़ियारी रोड पर राजा ईंट-भट्ठा के निकट प्रिंस कुमार को गोली मारी गयी थी.मृतक की उम्र करीब 29 वर्ष बतायी गयी है.वह सुनील कुमार के पुत्र थे और घैलाढ़ थाना क्षेत्र के इनरवा वार्ड संख्या सात के निवासी थे. बताया गया कि प्रिंस कुमार पल्सर मोटरसाइकिल से जा रहे थे। इसी दौरान पल्सर 220 मोटरसाइकिल पर सवार तीन बदमाशों ने उन्हें निशाना बनाया.वही गोली लगने से प्रिंस कुमार की मौत हो गयी.दिनदहाड़े हुई इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गयी थी. वारदात की सूचना मिलने पर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की.वही घटना के संबंध में मधेपुरा थाना कांड संख्या 1032/26, दिनांक 16 अक्टूबर 2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 309(6), 103(1) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 27 के अंतर्गत मामला दर्ज है.वही पुलिस ने इस मामले को प्राथमिकता देते हुए आरोपितों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू की
एसपी के निर्देश पर गठित की गयी टीम
मधेपुरा पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक डॉ संदीप सिंह ने हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए मामले का शीघ्र उद्भेदन करने का निर्देश दिया था.इसके बाद पुलिस अधिकारियों की निगरानी में विशेष टीम गठित की गयी. टीम ने घटनास्थल से संबंधित जानकारी जुटाने के साथ ही संभावित आरोपितों की गतिविधियों और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की पड़ताल की. पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचना के संकलन के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया कि अनुसंधान के क्रम में तीन संदिग्धों की पहचान की गयी.इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों को गिरफ्तार कर लिया.वही पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी के बाद आरोपितों से पूछताछ की गयी। इसी दौरान घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, हथियार, कारतूस, मादक पदार्थ और मृतक का मोबाइल फोन बरामद किया गया. पुलिस अब बरामद सामान के आधार पर घटना से जुड़े सभी पहलुओं का सत्यापन कर रही है.हालांकि किसी भी आपराधिक मामले में पुलिस की ओर से की गयी गिरफ्तारी और आरोपों का न्यायिक परीक्षण अदालत में होता है. आरोपितों के विरुद्ध लगाए गये आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी.
छिनतई के दौरान विरोध करने पर गोली मारने का आरोप
पुलिस के पूछताछ के दौरान सामने आये कथित घटनाक्रम का भी उल्लेख किया गया है. पुलिस के अनुसार आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि घटना के दिन उनके पास पैसे नहीं थे. उन्हें स्मैक खरीदने और पर्व-त्योहार के लिए पैसों की जरूरत थी.इसी उद्देश्य से उन्होंने राह चलते लोगों को निशाना बनाने की योजना बनायी थी.वही पुलिस के अनुसार, आरोपित पल्सर 220 मोटरसाइकिल से इलाके में घूम रहे थे.इसी दौरान उन्होंने प्रिंस कुमार को रोकने का प्रयास किया. कथित तौर पर आरोपितों ने उनका मोबाइल फोन और अन्य सामान छीनने की कोशिश की इस दौरान विरोध होने पर गोली चलाये जाने की बात सामने आयी है.वही पुलिस का दावा है कि गोली लगने के बाद प्रिंस कुमार मोटरसाइकिल समेत गिर गये. इसके बाद आरोपित मौके से फरार हो गये.पुलिस के अनुसार, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल को बाद में गोड़ियारी-सिंहेश्वर रोड स्थित पुल के बगल में धान के खेत से बरामद किया गया.यह घटनाक्रम पुलिस की ओर से जारी जानकारी और पूछताछ में सामने आये कथित बयानों पर आधारित है. घटना के वास्तविक कारण, आरोपितों की भूमिका और वारदात के दौरान हुए घटनाक्रम की पुष्टि अनुसंधान तथा न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी.
बरामद सामान से जांच को मिली दिशा
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों के पास से और उनकी निशानदेही पर कई सामान बरामद किये हैं. पुलिस की ओर से जारी सूची के अनुसार, बरामद सामान में दो देसी कट्टा, दो जिंदा कारतूस, 32 ग्राम स्मैक, एक पल्सर 220 मोटरसाइकिल, घटना में लूटा गया एक मोबाइल फोन और घटना के समय पहने गये दो कपड़े शामिल हैं.वही पुलिस ने मोटरसाइकिल को वारदात में प्रयुक्त वाहन बताया है जांच के दौरान बरामद मोबाइल फोन और कपड़ों की भूमिका का भी सत्यापन किया जा रहा है. हथियार और कारतूस मिलने के बाद पुलिस आर्म्स एक्ट के प्रावधानों के तहत भी मामले की जांच कर रही है. इसके अतिरिक्त पुलिस ने मधेपुरा थाना कांड संख्या 1036/26, दिनांक 19 अक्टूबर 2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किये जाने की जानकारी दी है.पुलिस की जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि बरामद हथियार का इस्तेमाल इसी वारदात में किया गया था या नहीं इसके लिए आवश्यक साक्ष्यों का मिलान और अन्य प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण होंगी. इसी तरह, मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और कपड़ों की बरामदगी को लेकर भी अनुसंधान जारी है.
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान
क्रांति कुमार: उम्र करीब 22 वर्ष, पिता रामचंद्र यादव, निवासी साहुगढ़ बाजार टोला, वार्ड संख्या नौ, थाना व जिला मधेपुरा वही दूसरा संजीत दास: उम्र करीब 32 वर्ष, पिता दिनेश दास, निवासी कवियाही वार्ड संख्या 15, मधेपुरा जिला के शंकरपुर के निवासी है.तीसरा गौरव कुमार: उम्र करीब 19 वर्ष पिता रमेश यादव, निवासी मधेपुरा के साहुगढ़ दुलाराम टोला, वार्ड संख्या आठ का निवासी है. पुलिस के अनुसार, तीनों को प्रिंस कुमार हत्याकांड में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तारी के बाद उनके आपराधिक इतिहास का भी सत्यापन किया गया। पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया है कि गिरफ्तार आरोपितों में से कुछ के विरुद्ध पहले से कई मामले दर्ज हैं.
क्रांति कुमार के विरुद्ध पहले से कई मामले दर्ज
पुलिस की ओर से जारी आपराधिक इतिहास के विवरण में क्रांति कुमार के विरुद्ध मधेपुरा और घैलाढ़ थाना क्षेत्रों में दर्ज कई मामलों का उल्लेख है. इनमें वर्ष 2024, 2025 और 2026 के मामले शामिल हैं. मधेपुरा थाना कांड संख्या 321/24, दिनांक 27 मार्च 2024 में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं का उल्लेख है। इसके अलावा कांड संख्या 767/24, दिनांक 6 जुलाई 2024; कांड संख्या 809/24, दिनांक 17 जुलाई 2024; तथा कांड संख्या 1290/24, दिनांक 6 नवंबर 2024 का भी जिक्र किया गया है.वर्ष 2025 में घैलाढ़ थाना कांड संख्या 744/25, मधेपुरा थाना कांड संख्या 790/25, 826/25 और 827/25 से संबंधित प्रविष्टियां भी पुलिस ने दर्ज आपराधिक इतिहास में शामिल की हैं। इनमें मारपीट, अन्य आपराधिक आरोपों तथा आर्म्स एक्ट से संबंधित धाराओं का उल्लेख है.इसके अतिरिक्त, अक्टूबर 2026 के मधेपुरा थाना कांड संख्या 1032/26 और 1036/26 का भी उल्लेख किया गया है। इनमें वर्तमान हत्याकांड तथा एनडीपीएस एवं आर्म्स एक्ट से संबंधित कार्रवाई शामिल है.वही इन मामलों का उल्लेख पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर किया गया है.
वही संजीत दास का भी आपराधिक इतिहास
संजीत दास के विरुद्ध भी कई थानों में दर्ज पुराने मामलों का उल्लेख किया गया है.उपलब्ध विवरण के अनुसार, उसके विरुद्ध वर्ष 2022 से 2026 तक के मामले सूचीबद्ध हैं. इनमें शंकरपुर थाना कांड संख्या 50/22, दिनांक 22 मार्च 2022; कांड संख्या 96/22, दिनांक 19 मई 2022; तथा कांड संख्या 76/22, दिनांक 25 अप्रैल 2022 शामिल हैं. इसके अतिरिक्त सिंहेश्वर थाना कांड संख्या 96/22 और अन्य थानों में दर्ज मामलों का भी उल्लेख किया गया है.अलग अलग थाना क्षेत्रों के मामलों के साथ शंकरपुर थाना कांड संख्या 33/24 का भी जिक्र किया है। अक्टूबर 2026 में मधेपुरा थाना कांड संख्या 1032/26 और 1036/26 भी उसके आपराधिक इतिहास की सूची में शामिल हैं.
मादक पदार्थ की बरामदगी ने बढ़ायी जांच की अहमियत
हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपितों के पास से 32 ग्राम स्मैक बरामद होने की जानकारी पुलिस ने दी है. कथित तौर पर पैसों की कमी और स्मैक खरीदने की जरूरत को घटना के पीछे का कारण बताया गया है. मादक पदार्थ की बरामदगी के बाद पुलिस के सामने यह जांच करने का विषय भी है कि आरोपितों को स्मैक कहां से मिली और क्या वे किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हुए हैं. हालांकि, पुलिस की ओर से जारी विज्ञप्ति में किसी बड़े नेटवर्क का खुलासा नहीं किया गया है. इसलिए इस संबंध में फिलहाल कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा.पुलिस बरामद मादक पदार्थ के मामले में अलग से कानूनी कार्रवाई कर रही है. जांच में यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि आरोपितों के पास बरामद मादक पदार्थ की प्रकृति, मात्रा और उससे संबंधित अन्य तथ्यों की पुष्टि किस प्रकार होती है.
हत्याकांड के खुलासे से पुलिस को मिली राहत
दिनदहाड़े हुई हत्या की घटना ने इलाके में चिंता बढ़ा दी थी. सड़क पर जा रहे युवक को गोली मारकर हत्या किये जाने की घटना से लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा होना स्वाभाविक था. ऐसे मामलों में आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी, घटना में प्रयुक्त हथियारों की बरामदगी और वारदात के कारणों का पता लगाना पुलिस के लिए महत्वपूर्ण होता है. छापेमारी टीम में शामिल रहे सदर थानाध्यक्ष विमलेंदु कुमार, एसआई सचिन कुमार,पीटीसी राहुल, नीतेश, कलाम एवं मधेपुरा तकनीकी शाखा के सिविलवार वर्मा एवं पुलिस अधिकारी व जवान शामिल थे.
(रिपोर्ट:- सुनीत साना)
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