मरीज की मौत के बाद मेडिकल कॉलेज में हंगामा, मारपीट व मोबाइल तोड़ने का लगाया आरोप - मधेपुरा खबर Madhepura Khabar

 

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2 नवंबर 2026

मरीज की मौत के बाद मेडिकल कॉलेज में हंगामा, मारपीट व मोबाइल तोड़ने का लगाया आरोप

मधेपुरा: जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में सोमवार को एक मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ. परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल के इंटर्न डॉक्टरों और कर्मियों पर मारपीट करने, मोबाइल छीनने और तोड़ने का आरोप लगाया है. घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. जानकारी के अनुसार, दुलार पिपराही निवासी प्रदीप मंडल की तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने रविवार देर शाम उन्हें मेडिकल कॉलेज के ब्लॉक चार स्थित चौथी मंजिल पर भर्ती कराया था. सोमवार दोपहर करीब 12 बजे उनकी हालत अचानक गंभीर हो गई. मृतक की पत्नी हीरा देवी ने वार्ड बॉय से डॉक्टर को बुलाने की गुहार लगाई. परिजनों का आरोप है कि काफी देर तक चिकित्सक मरीज को देखने नहीं पहुंचे. इसी दौरान प्रदीप मंडल की मौत हो गई. मरीज की मौत के बाद परिजन और आसपास के बेड पर मौजूद मरीजों के तीमारदार अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठाने लगे. इसी बीच कुछ लोगों ने मोबाइल से घटना का वीडियो बनाना शुरू कर दिया. आरोप है कि मौके पर पहुंचे इंटर्न डॉक्टरों ने वीडियो बनाने से मना किया. इसको लेकर शुरू हुई कहासुनी मारपीट में बदल गई. परिजनों का आरोप है कि उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई तथा वीडियो बना रहे व्यक्ति का मोबाइल छीनकर जमीन पर पटक दिया गया, जिससे वह क्षतिग्रस्त हो गया. 
इसी दौरान शंकरपुर थाना क्षेत्र के कजरा निवासी युगनारायण मंडल के परिजनों ने भी डॉक्टरों पर दुर्व्यवहार और मारपीट का आरोप लगाया. उनका कहना है कि वे मृतक के परिवार की मदद कर रहे थे. आरोप है कि उनके साथ भी हाथापाई की गई और एक कागज पर जबरन हस्ताक्षर कराए गए. परिजनों ने यह भी सवाल उठाया कि घटना के समय एक महिला पुलिस अधिकारी मौजूद थीं, इसके बावजूद उन्हें तत्काल सहायता नहीं मिली. हंगामे की सूचना पर सिंहेश्वर थानाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे. उन्होंने लोगों को समझाकर शांत कराया और स्थिति को नियंत्रित किया. मेडिकल कॉलेज के उपाधीक्षक डॉ. अंजनी कुमार और प्रियरंजन भास्कर ने परिजनों के आरोपों को निराधार बताया. उनका कहना है कि प्रदीप मंडल की स्थिति पहले से ही बेहद गंभीर थी और इसकी जानकारी परिजनों को दे दी गई थी. अस्पताल प्रशासन के अनुसार, बगल के बेड पर भर्ती मरीज के कुछ परिजन मृतक के परिवार को डॉक्टरों के खिलाफ भड़का रहे थे. चिकित्सकों ने जब उन्हें समझाने का प्रयास किया तो वे विवाद करने लगे. घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और मरीजों को मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. 
(रिपोर्ट:- सुनीत साना) 

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