डेस्क : उत्तरप्रदेश के कानपुर में पुलिसकर्मियों के हत्यारे मोस्ट वांटेट विकास दुबे को एसटीएफ ने शुक्रवार की सुबह एनकाउंटर में मार गिराया। उसे गुरुवार को घटना के छह दिन बाद नाटकीय ढ़ंग से मध्यप्रदेश के उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर से गिरफ्तार किया गया था।
जानकारी मिल रही है कि शुक्रवार को कानपुर मुठभेड़ के मुख्य अभियुक्त विकास दुबे को उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स उज्जैन से सड़क के रास्ते कानपुर लेकर जा रही थी। गाड़ी पलटने से कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए थे और उन्हीं घायल पुलिस कर्मियों का पिस्तौल लेकर वो भागने की कोशिश कर रहा था।
जिसके बाद पुलिस ने उसे घेर लिया। पुलिस ने उसे आत्मसमर्पण करने को कहा लेकिन उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। इस हादसे में कुछ पुलिस कर्मी के घायल होने की भी खबर है। कानपुर में आठ पुलिस कर्मियों की हत्या के मुख्य अभियुक्त विकास दुबे को मध्य प्रदेश पुलिस ने गुरुवार नौ जुलाई को उज्जैन से गिरफ्तार किए जाने के बाद कानपुर लाया जा रहा था।
बीबीसी हिंदी की खबर के अनुसार, कानपुर पहुंचने के रास्ते में ही काफ़िले की एक गाड़ी पलट गई। कानपुर मुठभेड़ के मुख्य अभियुक्त विकास दुबे को घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक पुलिस अधिकारी ने मीडिया को बताया कि विकास दुबे को उज्जैन से सड़क के रास्ते कानपुर लाया जा रहा था। कानपुर पहुंचने के दौरान ही एसटीएफ के काफिले की एक गाड़ी पटल गई और यह हादसा हुआ।










