मधेपुरा: हत्यारोपित को मदद करने व आरोपितों के नाम हटाने के खिलाफ स्वजनों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है. पुलिस की कार्यशैली से आक्रोशित स्वजनों ने कला भवन परिसर में दोबारा अनशन शुरू कर दिया है. इससे पहले भी तीन अगस्त को अनशन किया गया था, लेकिन पुलिस अधिकारी के आश्वासन पर स्वजनों ने अनशन खत्म कर दिया था.
उसके बाद पुलिस के विपक्षी को ही मदद को लेकर स्वजनों ने फिर से अनशन शुरू कर दिया है. स्वजनों का आरोप है कि हत्यारोपित को पुलिस बचा रही है. 17 लोगों को नामजद किया गया था. इसमें पुलिस ने 12 लोगों का नाम हटा दिया. बचे पांच लोगों में भी सभी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.
स्वजनों का कहना है कि जब तक आरोपितों की गिरफ्तारी व हटाए गए नाम नहीं जोड़े जाते हैं अनशन जारी रहेगा. मामला मुरलीगंज थाना क्षेत्र के भदौल पंचायत का है. जहां सत्य नारायण यादव की तीन जुलाई को पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. मामले में 17 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था, लेकिन अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने अनुसंधान में 12 लोगों का नाम हटा दिया.
भर्राही ओपी निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि उनके चाचा की हत्यारोपित की पुलिस गिरफ्तारी नहीं कर रही है. उल्टे नामजद अभियुक्तों का नाम हटा दिया गया है. अभियुक्त पैरवी व पहुंच के दम पर झूठा और सामाज को बर्बाद करने वाला जांच प्रतिवेदन निकलवा कर खुलेआम घूम रहे हैं. आरोपित दे रहा है धमकी हत्यारोपित स्वजनों को मेल करने के लिए दबाव बना रहा है. साथ ही कह रहा है कि अगर मेल किया तो पूरे परिवार को जान से हाथ धोना होगा.
कुछ दिन पहले भी स्वजनों के साथ आरोपितों ने मारपीट की है. इस संबंध में पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन अब तक पुलिस इस दिशा में कोई कार्यवाई नहीं की है. स्वजनों ने एसपी को भी आवेदन दिया है. इन लोग बैठे हैं अनशन पर अनशन पर बैठने वालों में बिदा देवी, सुधीर कुमार, अमरदीप कुमार, मुकेश कुमार, राजेश कुमार, शंभू यादव, बीरेंद्र यादव, अनीता देवी, जवाहर यादव, अरविद यादव, अन्नु देवी, तेतरी देवी, गोपाल यादव, बीको यादव, आशा देवी, माही कुमार, कोमल कुमारी, आयुष कुमार आदि शामिल है.
वहीं डीएसपी अजय नारायण यादव ने बताया कि पीड़ित स्वजन अनशन पर बैठे हैं इसकी जानकारी नहीं है. आरोपितों की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई है. इसकी पड़ताल की जाएगी.
उसके बाद पुलिस के विपक्षी को ही मदद को लेकर स्वजनों ने फिर से अनशन शुरू कर दिया है. स्वजनों का आरोप है कि हत्यारोपित को पुलिस बचा रही है. 17 लोगों को नामजद किया गया था. इसमें पुलिस ने 12 लोगों का नाम हटा दिया. बचे पांच लोगों में भी सभी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.
स्वजनों का कहना है कि जब तक आरोपितों की गिरफ्तारी व हटाए गए नाम नहीं जोड़े जाते हैं अनशन जारी रहेगा. मामला मुरलीगंज थाना क्षेत्र के भदौल पंचायत का है. जहां सत्य नारायण यादव की तीन जुलाई को पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. मामले में 17 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था, लेकिन अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने अनुसंधान में 12 लोगों का नाम हटा दिया.
भर्राही ओपी निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि उनके चाचा की हत्यारोपित की पुलिस गिरफ्तारी नहीं कर रही है. उल्टे नामजद अभियुक्तों का नाम हटा दिया गया है. अभियुक्त पैरवी व पहुंच के दम पर झूठा और सामाज को बर्बाद करने वाला जांच प्रतिवेदन निकलवा कर खुलेआम घूम रहे हैं. आरोपित दे रहा है धमकी हत्यारोपित स्वजनों को मेल करने के लिए दबाव बना रहा है. साथ ही कह रहा है कि अगर मेल किया तो पूरे परिवार को जान से हाथ धोना होगा.
कुछ दिन पहले भी स्वजनों के साथ आरोपितों ने मारपीट की है. इस संबंध में पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन अब तक पुलिस इस दिशा में कोई कार्यवाई नहीं की है. स्वजनों ने एसपी को भी आवेदन दिया है. इन लोग बैठे हैं अनशन पर अनशन पर बैठने वालों में बिदा देवी, सुधीर कुमार, अमरदीप कुमार, मुकेश कुमार, राजेश कुमार, शंभू यादव, बीरेंद्र यादव, अनीता देवी, जवाहर यादव, अरविद यादव, अन्नु देवी, तेतरी देवी, गोपाल यादव, बीको यादव, आशा देवी, माही कुमार, कोमल कुमारी, आयुष कुमार आदि शामिल है.
वहीं डीएसपी अजय नारायण यादव ने बताया कि पीड़ित स्वजन अनशन पर बैठे हैं इसकी जानकारी नहीं है. आरोपितों की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई है. इसकी पड़ताल की जाएगी.
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