मधेपुरा: पत्रकार संगठन ऑल इंडियन रिपोर्टर एसोसिएशन (आइरा) की मधेपुरा शाखा द्वारा पत्रकार के साथ मेडिकल कॉलेज में समाचार संकलन के दौरान उलझने व समाचार संकलन से रोके जाने के मामले को गंभीरता से लिया है. आइरा के कड़े रुख के बाद डीएम ने जांच के आदेश दिए है. बुधवार को बिजली काटने के बाद मेडिकल कॉलेज अंधेरे में डुबा हुआ था. सिटी स्कैन कक्ष बन्द था.
इस कुव्यवस्था की फ़ोटो लेने पर चिढ़े कर्मी पत्रकार व छायाकार से ही उलझ गए थे. इसके बाद गुरुवार को पत्रकार संगठन आइरा ने गुरुवार को बैठक कर तीव्र आक्रोश जताया था. इधर डीएम द्वारा जांच के आदेश दिए जाने के बाद से मेडिकल कॉलेज प्रशासन में हलचल है. मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ गौरीकान्त मिश्रा ने तत्काल ही प्रभारी अधीक्षक से मामले की जानकारी मांगी है.
प्रभारी अधीक्षक को दो दिन के भीतर जबाब देने को कहा गया है. वही प्राचार्य ने स्वास्थ्य विभाग को भी रिपोर्ट भेज दी है. डीएम नवदीप शुक्ला ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही प्राचार्य को जांच के आदेश दिए गए है. वही दूसरी तरफ शुक्रवार को पत्रकारों के संगठन आइरा की मधेपुरा शाखा ने डीएम को पत्र भेजकर जल्द से जल्द कार्रवाई किये जाने को कहा है.
आइरा ने डीएम के साथ स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को भी मेल के माध्यम से यह पत्र भेजा है. आइरा ने बुधवार को मेडिकल कॉलेज में हुई घटना पर गुरुवार को ही आपात बैठक बुलाई थी. जिसमे पत्रकार राकेश रंजन एवं छायाकार से मेडिकल कॉलेज के कर्मी के उलझने के मामले पर तीव्र रोष व्यक्त किया गया.
बैठक में लिए निर्णय के अनुरूप शुक्रवार को डीएम को भेजे पत्र में कहा गया है कि जल्द कारवाई नही होने की स्थिति में आइरा आंदोलनात्मक रुख अपनाने को विवश होगी. साथ ही यह भी मांग की गई कि भविष्य में किसी भी कार्यालय में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं.
जांच की जानकारी कराई जाय साझा:
आइरा ने डीएम को भेजे पत्र में बताया है कि घटना की जानकारी सम्बंधित पत्रकार द्वारा उसी दिन जिला प्रशासन एवं मीडिया के व्हाट्सएप्प ग्रुप में दी गयी थी. जिसपर डीपीआरओ ने मामले की वरीय पदाधिकारी से जांच कराए जाने की बात कही थी. वरीय पदाधिकारी द्वारा कराई गई जांच की जानकारी साझा कराने की भी मांग की गई है. जांच रिपोर्ट के आलोक में जल्द कार्रवाई करने की मांग रखी गयी है.
डीएम नवदीप शुक्ला ने कहा मामले की जानकारी मिलते ही प्राचार्य को जांच के आदेश दिए गए है. प्राचार्य ने भी अधीक्षक को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए है. जल्द मामले में दोषी कर्मी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी.
पब्लिसिटी के लिए नहीं पब्लिक के लिए काम करना ही पत्रकारिता है....










