मुरलीगंज: ऋतिका हत्याकांड की गुत्थी अब तक नहीं सुलझ पाई है. एक माह बीतने के बाद भी पुलिस हत्यारे को नहीं पकड़ पाई है. फोरेंसिक जांच टीम ने पहुंचकर जांच की. इस दौरान वार्ड पार्षद के घर पर पहुंचकर टीम ने कुछ चीजों की बारीकी से जांच की. वहीं कई फिंगर प्रिंट भी लिए हैं. वहीं शव बरामद स्थल व बेंगा नदी पर बने पुल पर भी जांच टीम पहुंचकर ऋतिका हत्याकांड से जुड़े विभिन्न पहलुओं की गंभीरता से जांच किया.
फोरेंसिक जांच टीम अपने अपने हाथों में दस्ताना लगाकर कई बिंदुओं पर सघनता से जांच किया. फारेंसिक जांच टीम के साथ मुरलीगंज थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार, अनुसंधानकर्ता धनेश्वर मंडल सहित काफी संख्या में पुलिस बल मौजूद थे. मालूम हो कि जूडो कराटे में चैंपियन रह चुकी नगर पंचायत मुरलीगंज वार्ड नंबर 11 पार्षद अरविंद कुमार उर्फ डिंपल पासवान की पुत्री ऋतिका का शव 12 दिसंबर की सुबह बेंगा पुल रेलवे ढाला के समीप मिला था. हत्याकांड के बाद पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर प्रेम प्रसंग के मामले में अब तक सिर्फ एक युवक को नामजद अभियुक्त बनाया है. जसे जेल भेजा दिया गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस मामले में सक्रिय नहीं दिख रही हैै. लोगों का आरोप है की पोस्टमार्टम व फोरेंसिक के आधार पर पुलिस मामले की हर एक बदुओं पर जांच करे और मुख्य आरोपित पकड़ में आ जाएगा.











