प्रधानाचार्य डाॅ. के. पी. यादव ने बताया कि महाविद्यालय के खाते में राशि प्राप्त हो चुकी है। इस राशि से महाविद्यालय के नए भवन के भूतल पर आवंटित सेहत केंद्र कार्यालय को सुव्यवस्थित किया जा रहा है और महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर लगाने हेतु केंद्र का एक बोर्ड लगाने हेतु तैयार है. सेहत केंद्र से संबंधित सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं. शुक्रवार को प्रधानाचार्य और शिक्षकों ने सेहत केंद्र की तैयारियों का जायजा लिया. इस अवसर सिंडिकेट सदस्य डाॅ. जवाहर पासवान, मैथिली विभागाध्यक्ष डाॅ. उपेन्द्र प्रसाद यादव, एनसीसी ऑफिसर ले. गौतम कुमार, जनसंपर्क पदाधिकारी डाॅ. सुधांशु शेखर आदि उपस्थित थे.
युवाओं को किया जाएगा जागरूक
जनसंपर्क पदाधिकारी डाॅ. सुधांशु शेखर ने बताया कि स्वास्थ्य समाज के निर्माण में स्वस्थ एवं जागरूक युवाओं का महत्वपूर्ण योगदान होता है. संप्रति कोरोनाकाल में युवाओं को स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न मुद्दों के बारे में जागरूक करने की जरूरत महसूस हो रही है. इसके मद्देनजर ‘सेहत सेन्टर’ की स्थापना एक सराहनीय कदम है. उन्होंने बताया कि इस सेंटर का उद्देश्य युवाओं को स्वास्थ्य दूत के रूप में तैयार करना है. यहाँ युवाओं के स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न मुद्दों और विशेषकर स्वच्छता, यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य आदि की जानकारी दी जाएगी.
यह केंद्र जरूरतमंदों को सरकारी स्तर पर उपलब्ध सेवाओं की जानकारी देगा और इस हेतु शिक्षा एवं कौशल पर युवाओं के बीच सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देगा. इसके अलावा एचआईवी एवं एड्स विषय पर जागरूकता बढ़ाने एवं स्वैच्छिक रक्तदान हेतु प्रेरित करने की दिशा में प्रयास करेगा. यहाँ अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मुद्दों यथा-पोषण, मानसिक स्वास्थ्य, मादक पदार्थ के दुरूपयोग से हानि, गैर संचारी रोग, कम उम्र में गर्भधारण से हानि, सही समय पर विवाह के लाभ आदि पर विस्तृत जानकारी एवं शिक्षण प्रशिक्षण दिया जाएगा.
सेहत केंद्र में लगेंगी महापुरूषों की तस्वीरें
डाॅ. शेखर ने बताया कि सेहत केंद्र की दिवारों पर स्वास्थ्य एवं सामाजिक -सांस्कृतिक जागरूकता एवं प्रेरणा के निमित्त महर्षि चरक, महर्षि पलंजलि, मंडन मिश्र, स्वामी विवेकानंद, महात्मा गाँधी, बी. एन. मंडल, कीर्ति नारायण मंडल, ए. पी. जे. अब्दुल कलाम आदि महापुरुषों के चित्र लगाए जाएंगे. साथ ही स्वास्थ्य से संबंधित पोस्टर एवं स्लोगन लगाया जाएगा. इसके अलावा एक-दो बुक सेल्फ में शारीरिक, मानसिक एवं चारित्रिक उन्नयन और योग, ध्यान एवं आध्यात्म से संबंधित पुस्तकें रखी जाएँगी.
डाॅ. शेखर ने बताया कि ‘सेंटर’ में विभिन्न खेलों से संबंधित सामग्रियाँ भी विद्यार्थियों के उपयोगार्थ उपलब्ध रहेगी. यहाँ समय-समय पर स्वास्थ्य एवं चरित्र-निर्माण से संबंधित ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित होगा. इसमें छात्र-छात्राओं को खेलों के माध्यम से शारीरिक, मानसिक एवं नैतिक स्वास्थ्य के प्रति शिक्षण-प्रशिक्षण दिया जाएगा और उनका उन्मुखीकरण किया जाएगा. सेंटर समय-समय पर पेंटिंग, क्विज़, वाद-विवाद, निबंध आदि प्रतियोगिताओं का भी आयोजन करेगा. साथ ही राष्ट्रीय युवा दिवस, विश्व स्वास्थ्य दिवस, पर्यावरण दिवस एवं अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर लघु नाटिका, लोक नृत्य, जागरूकता रैली आदि का आयोजन किया जाएगा.
ऑनलाइन होगा उद्घाटन
डाॅ. शेखर ने बताया कि केंद्र की स्थापना से संबंधित औपचारिकताएँ पूरी कर ली गई हैं और इसे सुव्यवस्थित करने का प्रयास किया जा रहा है. कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु निर्धारित सभी दिशानिर्देशों (एसओपी) का पालन करते हुए इसका ऑनलाइन उद्घाटन पटना से ही किया जाएगा. इसमें ऑफलाइन भाग लेने हेतु कुलपति प्रोफेसर डाॅ. आर. के. पी. रमण, प्रति कुलपति प्रोफेसर डाॅ. आभा सिंह, एनएसएस समन्वयक डाॅ. अभय कुमार और सर्जन को आमंत्रित किया जाएगा. समारोह में जिले के अन्य महाविद्यालयों के साथ नजदीकी महाविद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षक एवं विद्यार्थी भाग ले सकेंगे.
समग्र स्वास्थ्य की दिशा में कारगर पहल
डाॅ. शेखर ने बताया कि सेहत केंद्र बिहार सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है. यह एक स्थायी कार्यक्रम है. इसमें निरंतरता रहेगी और यह युवाओं सहित पूरे समाज के समग्र स्वास्थ्य की दिशा में एक कारगर पहल है. उन्होंने बताया कि युवाओं का शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ होना देश के लिए जरूरी सरकार द्वारा राज्य के विभिन्न महाविद्यालयों में सेहत केंद्र खोले जाने का निर्णय लिया गया है. आने वाले दिनों में इसे सभी महाविद्यालयों तक विस्तारित किया जाएगा.
इन केंद्रों के खोले जाने का उद्देश शिक्षण संस्थानों के अध्ययनरत युवाओं में स्वास्थ संबंधित सामग्री विषयों पर उन्हें जागरूक किया जाना है. सेहत केंद्र के माध्यम से हम स्वास्थ्य के हर पहलुओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा और स्वास्थ्य संबंधी सभी समस्याओं के समाधान का प्रयास होगा. इस केंद्र में दो विद्यार्थी पीयर एडूकेटर के रूप में कार्य करेंगे. दोनों पीयर एडूकेटर और और सेहत केंद्र का नोडल पदाधिकारी को पटना में प्रशिक्षण दिया गया है.
राज्य में बनेंगे तीस केंद्र
बिहार सरकार ने राज्य के 30 संस्थानों में सेहत सेंटर बनाने का निर्णय लिया है. इनमें बी. एन. मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा से एकमात्र संस्थान टी. पी. कॉलेज, मधेपुरा का चयन किया गया है. इसके अलावा पूर्णिया महिला, कॉलेज, पूर्णिया, मारवाड़ी कॉलेज, भागलपुर, आरडी कॉलेज, शेखपुरा, मारवाड़ी कॉलेज, दरभंगा, महारानी महेश्वरलता संस्कृत विद्यापीठ, मधुबनी, राम अवतार गौतम संस्कृत महाविद्यालय, अहिल्या स्थान-दरभंगा, पटना वीमेंस कॉलेज, पटना, मगध महिला कॉलेज, पटना, पटना कॉलेज पटना, ए. एन. कॉलेज, पटना, गंगा देवी महिला कॉलेज, पटना, बी. डी. कॉलेज, पटना, कॉलेज ऑफ कॉमर्स, पटना, जे. डी. वीमेंस कॉलेज, पटना, राजेंद्र कॉलेज, सारण, दरोगा प्रसाद राय डिग्री कॉलेज, सिवान, कमला राय कॉलेज, गोपालगंज, एम. एम. कॉलेज, आरा, डी. के. कॉलेज, डुमराव-बक्सर, पटेल कॉलेज, भभुआ-कैमूर, तिलौथू कॉलेज, तिलौथू-रोहतास, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, पटना, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, पटना, ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, पटना, चाणक्या नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी, पटना, तिरहुत काॅलेज आफ फिजिकल एजुकेशन, मुजफ्फरपुर, एम. जे. के. कॉलेज, बेतिया सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार, बोधगया, महात्मा गाँधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी, मोतिहारी में सेहत सेंटर बनाया गया है. सभी तीस केंद्रों का एक साथ ऑनलाइन उद्घाटन होगा.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
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