"रोज (गुलाब) डे पर जानिए रोज की महत्व" - मधेपुरा खबर Madhepura Khabar

 

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9 फ़रवरी 2022

"रोज (गुलाब) डे पर जानिए रोज की महत्व"

डेस्क: अक्सर आपने देखा होगा कि शादियों में चारों तरफ गुलाब नजर आता है. इतना ही नहीं सुहागरात पर भी कपल का कमरा गुलाब के फूल से सजाते हैं. इसके पीछे कई वजह हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, खुशबू का मूड से काफी कनेक्शन होता है. दरअसल, गुलाब को पूरी दुनिया में प्यार का प्रतीक माना जाता है साथ ही यह प्राकृतिक रूप से कामेच्छा बढ़ाने वाला होता है. इसके अलावा भी कई वजहें होती हैं. तो चलिए आज वेलेंटाइन वीक के शुरुआत में इसके बारे में जानने का प्रयास करते हैं. 
कुमार भारतेंदु सिंघानिया
आयुर्वेद के मुताबिक, गुलाब नैचुरल ऐफ्रोडिसिऐक है. इसकी पत्तियां शरीर के दोषों को दूर करती हैं. इस वजह से इंसान सेक्सुअली एक्टिव भी महसूस करता है. आयुर्वेद में सेक्स लाइफ बेहतर बनाने के लिए गुलाब की कुछ पत्तियां धोकर खाने की सलाह दी जाती है. हालांकि, महक का असर भी आपके दिमाग पर होता है, जिससे आपका मूड अच्छा होता है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, गुलाब जल को ऐंटी डिप्रेसेंट माना जाता है.  2011 की एक स्टडी में यह बात सामने आई थी की गुलाब की पत्तियों से चूहों का सेंट्रल नर्वस सिस्टम रिलेक्स होता है. इससे तनाव भी कम होता है. 

यानी अगर आपका मूड ठीक नहीं रहता, स्ट्रेस रहता है तो आप अपने पास गुलाब का फूल रखकर सूंघ सकते हैं. इससे आपका मूड तुरंत ठीक हो जाएगा. इसके अलावा गुलाब का इस्तेमाल भी कई तरह से किया जाता हैं. गुलाब जल को लंबे वक्त से ब्यूटी प्रोडक्ट के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. चंदन के मास्क में गुलाब जल डालने से आपकी स्किन से सनबर्न ठीक करने में मदद मिलते हैं. 
(लेखक:- कुमार भारतेंदु सिंघानिया) 
पब्लिसिटी के लिए नहीं पब्लिक के लिए काम करना ही पत्रकारिता है....

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