समाचार संकलन के दौरान सहयोग का निर्देश
बिहार पुलिस मुख्यालय ने सभी संबंधित पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों को पत्रकारों और मीडियाकर्मियों के साथ समुचित व्यवहार करने के लिए निर्देशित करें. समाचार संकलन एवं प्रसारण के दौरान पत्रकारों को आवश्यक सहयोग प्रदान करने तथा उनके कार्य में अनावश्यक बाधा नहीं डालने की बात कही गई है. पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पत्रकारों एवं मीडियाकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार या अनुचित व्यवहार की शिकायत मिलने पर उसकी गंभीरता से जांच की जाएगी. जांच में यदि किसी पदाधिकारी या कर्मी की लापरवाही अथवा अनुचित आचरण सामने आता है तो संबंधित के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
गृह विभाग के 2017 के प्रावधानों का अनुपालन
पुलिस मुख्यालय के पत्र में पत्रकारों की सुरक्षा के संबंध में गृह विभाग के ज्ञापांक-3863, दिनांक 02 जून 2017 में वर्णित प्रावधानों का भी उल्लेख किया गया है. सभी संबंधित अधिकारियों को उक्त प्रावधानों के अनुरूप नियमानुकूल कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. पत्र में कहा गया है कि प्रेस और मीडिया लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ है. पत्रकारों एवं मीडियाकर्मियों को समाचार संकलन के दौरान सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने तथा उन्हें आवश्यक सहयोग प्रदान करना पुलिस की जिम्मेदारी का हिस्सा है. इसी उद्देश्य से अधिकारियों को अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने को कहा गया है.
वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा गया पत्र
बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी इस पत्र की प्रतिलिपि समस्त क्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक/पुलिस उप-महानिरीक्षक (रेल सहित), बिहार को आवश्यक कार्रवाई एवं अनुपालन के लिए भेजी गई है. इसके अलावा VIP Security Control, बिहार, पटना को भी पत्र की प्रति भेजी गई है. पत्र पर अपर पुलिस महानिदेशक (सुरक्षा), बिहार, पटना के हस्ताक्षर हैं और इसमें पुलिस महानिदेशक, बिहार के अनुमोदन का उल्लेख किया गया है. पुलिस मुख्यालय के इस निर्देश से पत्रकारों एवं मीडियाकर्मियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में पुलिस स्तर पर त्वरित कार्रवाई और जवाबदेही सुनिश्चित करने की व्यवस्था को बल मिलने की बात सामने आती है.
(रिपोर्ट:- सुनीत साना)
पब्लिसिटी के लिए नहीं पब्लिक के लिए काम करना ही पत्रकारिता है....









