मधेपुरा: युवा उत्सव में नुक्कड़ नाटक को शामिल करने के निर्णय से जिले के रंगकर्मियों एवं रंगमंच से जुड़े लोगों में हर्ष का माहौल है. मधेपुरा जिले के डिग्रीधारी रंगकर्मी सुनीत साना की पहल के बाद युवा उत्सव में नाटक को स्थान देने की दिशा में उठाए गए इस कदम को रंगमंच के क्षेत्र में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. जानकारी के अनुसार, सुनीत साना ने पिछले दिनों युवा उत्सव में एकांकी नाटक को पुनः शामिल करने की मांग को लेकर भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय को ईमेल के माध्यम से मांग पत्र भेजा था. इसके बाद 8 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से भी उन्होंने इस मांग को प्रमुखता से उठाया. उन्होंने युवा उत्सव में नाट्य विधाओं को उचित स्थान देने की आवश्यकता पर जोर दिया था, ताकि युवाओं को अपनी अभिनय प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिल सके. इस पहल के बाद 9 अक्टूबर को भारत सरकार एवं बिहार सरकार की ओर से पत्र जारी कर युवा उत्सव में नुक्कड़ नाटक को शामिल करने का निर्णय लिया गया. इस फैसले से रंगकर्मियों में उत्साह है. रंगमंच से जुड़े लोगों का मानना है कि नुक्कड़ नाटक युवाओं की रचनात्मकता, सामाजिक चेतना और अभिनय क्षमता को सामने लाने का सशक्त माध्यम है. सुनीत साना ने इस निर्णय के लिए भारत सरकार एवं बिहार सरकार के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि युवा उत्सव में नुक्कड़ नाटक को शामिल किए जाने से युवा कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर मंच मिलेगा. साथ ही सामाजिक सरोकारों, जनजागरूकता और लोकहित से जुड़े विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का अवसर भी प्राप्त होगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस निर्णय से युवा कलाकारों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी और रंगमंच की समृद्ध परंपरा को नई ऊर्जा मिलेगी.
(रिपोर्ट:- गरिमा उर्विशा)
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