राजधानी पटना समेत बिहार में शनिवार पूर्वाह्न 11 बजकर 41 मिनट के बाद तीन बार भूकंप के तेज झटके से अफरातफरी और आतंक का माहौल बन गया। बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने 15 लोगों की मौत की पुष्टी की है वहीं 34 लोग घायल बताए जा रहे हैं। इसमें सीतामढ़ी व मुंगेर में आठ, नालंदा में चार, पश्चिम चंपारण, मधुबनी व वैशाली में तीन, दरभंगा से दो, सरन, शिवहर और सुपौल से एक-एक की मौत की बात कही गई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने 48 घंटे के लिए अलर्ट जारी किया है।
गांधी सेतु का पाया नंबर 84 भी क्षतिग्रस्त हो गया। इसकी वजह से वाहनों का आवागमन ठप कर दिया गया है। जमुई स्थित ऐतिहासिक मिंटो टावर में भी भूकंप की वजह से दरार आई है। पूर्वाह्न 11.41 मिनट पर करीब 3 मिनट तक धरती में तेज कंपन महसूस किया गया। लोग घरों से निकलकर सड़क और मैदान में आ गए। कई जिलों में भूकंप के झटके से मकान गिर गए। भूकंप के आतंक से अस्पतालों से मरीज बाहर आ गए। परीक्षा केंद्रों में भी अफरातफरी का माहौल था। उत्तर पूर्व बिहार में आंधी-तूफान का अलर्ट पहले से जारी था। इसी बीच भूकंप के झटकों ने लोगों को और आतंकित कर दिया। मौसम विभाग ने सात जिलों में शाम सात बजे तक के लिए अलर्ट जारी किया है। तीसरा झटका आने की संभावना व्यक्त की गई है।
इधर भागलपुर में शनिवार को भूकंप के झटकों ने लोगों को हलकान कर दिया है। करीब 11.40 मिनट पर भूकंप का झटका आया। एक मिनट के लिए भूकंप को महसूस किया गया। बाद में फिर 12:15 बजे दूसरी बार भूकंप का झटका महसूस किया। पीजी भूगोल विभाग के विभागाध्यक्ष सह भूभर्ग शास्त्री प्रो. एसएन पांडेय ने बताया कि भागलपुर में भूकंप की तीव्रता करीब 6.5 से 7 के बीच रही है। उन्होंने कहा कि भूकंप दो बार आया। पहली बार हल्का झटका था लेकिन बाद में जोर का झटका आया। भागलपुर संवेदनशीलता की दृष्टि से जोन फोर में आता है। भागलपुर में भूकंप की तीव्रता मापने की कोई मशीन नहीं है। भूकंप के झटके से तीव्रता का अंदाजा लगाया जाता है। भूगर्भशास्त्री डॉ. रश्मि प्रकाश ने बताया कि भागलपुर में भी भूकंप का झटका तेजी से आया है। भूकंप के झटके के कारण बिजली एवं संचार सेवा प्रभावित हुआ है। भूकंप के झटके के बाद कुछ देर के लिए मोबाइल पर बातचीत नहीं हो रही थी। मौसम विभाग की वेबसाइट के अनुसार भूकंप की तीव्रता 7.5 मापी गई और इसका केंद्र नेपाल था। आधे घंटे बाद ही 12.18 मिनट पर फिर से भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। झटके इतने तेज थे कि लोग अपने घरों और ऑफिस से बाहर निकल आए। देर तक रूक-रूक कर हो रहे कंपन से लोगों काफी भयभीत नजर आए। भूकंप का केंद्र नेपाल में पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने कहा कि मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर कहा है कि अगले 48 घंटे में भूकंप का दूसरा झटका भी काठमांडू के करीब 300 किमी के दायरे में कभी भी आ सकता है। इस दायरे में बिहार के भी कुछ हिस्से आते हैं।
भूकंप आने पर ये बरतें सावधानी भूकंप आने पर फौरन घर या स्कूल से निकलकर सुरक्षित खुले मैदान में जाएं। बड़ी बिल्डिंग्स, पेड़ों, बिजली के खंभों आदि से दूर रहें। बाहर जाने के लिए लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें। कहीं फंस गए हों तो दौड़ें नहीं। इससे भूकंप का ज्यादा असर होगा। भूकंप आने पर खिड़की, अलमारी, पंखे, ऊपर रखे भारी सामान से दूर हट जाएं ताकि इनके गिरने और शीशे टूटने से चोट न लगे। टेबल, बेड, डेस्क जैसे मजबूत फर्नीचर के नीचे घुस जाएं और उसके लेग्स कसकर पकड़ लें ताकि झटकों से वह खिसके नहीं। कोई मजबूत चीज न हो, तो किसी मजबूत दीवार से सटकर शरीर के नाजुक हिस्से जैसे सिर, हाथ आदि को मोटी किताब या किसी मजबूत चीज़ से ढककर घुटने के बल टेक लगाकर बैठ जाएं। खुलते-बंद होते दरवाजे के पास खड़े न हों, वरना चेाट लग सकती है। गाड़ी में हैं तो बिल्डिंग, होर्डिंग्स, खंभों, फ्लाईओवर, पुल आदि से दूर सड़क के किनारे या खुले मैदान में गाड़ी रुकवा लें और भूकंप रुकने तक इंतजार करें।
गांधी सेतु का पाया नंबर 84 भी क्षतिग्रस्त हो गया। इसकी वजह से वाहनों का आवागमन ठप कर दिया गया है। जमुई स्थित ऐतिहासिक मिंटो टावर में भी भूकंप की वजह से दरार आई है। पूर्वाह्न 11.41 मिनट पर करीब 3 मिनट तक धरती में तेज कंपन महसूस किया गया। लोग घरों से निकलकर सड़क और मैदान में आ गए। कई जिलों में भूकंप के झटके से मकान गिर गए। भूकंप के आतंक से अस्पतालों से मरीज बाहर आ गए। परीक्षा केंद्रों में भी अफरातफरी का माहौल था। उत्तर पूर्व बिहार में आंधी-तूफान का अलर्ट पहले से जारी था। इसी बीच भूकंप के झटकों ने लोगों को और आतंकित कर दिया। मौसम विभाग ने सात जिलों में शाम सात बजे तक के लिए अलर्ट जारी किया है। तीसरा झटका आने की संभावना व्यक्त की गई है।
इधर भागलपुर में शनिवार को भूकंप के झटकों ने लोगों को हलकान कर दिया है। करीब 11.40 मिनट पर भूकंप का झटका आया। एक मिनट के लिए भूकंप को महसूस किया गया। बाद में फिर 12:15 बजे दूसरी बार भूकंप का झटका महसूस किया। पीजी भूगोल विभाग के विभागाध्यक्ष सह भूभर्ग शास्त्री प्रो. एसएन पांडेय ने बताया कि भागलपुर में भूकंप की तीव्रता करीब 6.5 से 7 के बीच रही है। उन्होंने कहा कि भूकंप दो बार आया। पहली बार हल्का झटका था लेकिन बाद में जोर का झटका आया। भागलपुर संवेदनशीलता की दृष्टि से जोन फोर में आता है। भागलपुर में भूकंप की तीव्रता मापने की कोई मशीन नहीं है। भूकंप के झटके से तीव्रता का अंदाजा लगाया जाता है। भूगर्भशास्त्री डॉ. रश्मि प्रकाश ने बताया कि भागलपुर में भी भूकंप का झटका तेजी से आया है। भूकंप के झटके के कारण बिजली एवं संचार सेवा प्रभावित हुआ है। भूकंप के झटके के बाद कुछ देर के लिए मोबाइल पर बातचीत नहीं हो रही थी। मौसम विभाग की वेबसाइट के अनुसार भूकंप की तीव्रता 7.5 मापी गई और इसका केंद्र नेपाल था। आधे घंटे बाद ही 12.18 मिनट पर फिर से भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। झटके इतने तेज थे कि लोग अपने घरों और ऑफिस से बाहर निकल आए। देर तक रूक-रूक कर हो रहे कंपन से लोगों काफी भयभीत नजर आए। भूकंप का केंद्र नेपाल में पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने कहा कि मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर कहा है कि अगले 48 घंटे में भूकंप का दूसरा झटका भी काठमांडू के करीब 300 किमी के दायरे में कभी भी आ सकता है। इस दायरे में बिहार के भी कुछ हिस्से आते हैं।
भूकंप आने पर ये बरतें सावधानी भूकंप आने पर फौरन घर या स्कूल से निकलकर सुरक्षित खुले मैदान में जाएं। बड़ी बिल्डिंग्स, पेड़ों, बिजली के खंभों आदि से दूर रहें। बाहर जाने के लिए लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें। कहीं फंस गए हों तो दौड़ें नहीं। इससे भूकंप का ज्यादा असर होगा। भूकंप आने पर खिड़की, अलमारी, पंखे, ऊपर रखे भारी सामान से दूर हट जाएं ताकि इनके गिरने और शीशे टूटने से चोट न लगे। टेबल, बेड, डेस्क जैसे मजबूत फर्नीचर के नीचे घुस जाएं और उसके लेग्स कसकर पकड़ लें ताकि झटकों से वह खिसके नहीं। कोई मजबूत चीज न हो, तो किसी मजबूत दीवार से सटकर शरीर के नाजुक हिस्से जैसे सिर, हाथ आदि को मोटी किताब या किसी मजबूत चीज़ से ढककर घुटने के बल टेक लगाकर बैठ जाएं। खुलते-बंद होते दरवाजे के पास खड़े न हों, वरना चेाट लग सकती है। गाड़ी में हैं तो बिल्डिंग, होर्डिंग्स, खंभों, फ्लाईओवर, पुल आदि से दूर सड़क के किनारे या खुले मैदान में गाड़ी रुकवा लें और भूकंप रुकने तक इंतजार करें।








