17/10/2015 भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर वाणिज्य विभाग में नामांकन समापन की तिथि के बाद भी दो सीट खाली रखकर आवेदकों का नामांकन नहीं लिया गया तो प्रभारी कुलपति प्रतिकुलपति ने विभागाध्यक्ष को निलंबित कर दिया गया. इसके विरोध में विश्वविद्यालय के शिक्षक संघ ने निन्दा प्रस्ताव पारित कर प्रतिकुलपति के इस निलम्बन आदेश को फौरन वापस लेने की मांग कर भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति नहीं करने का अल्टीमेटम दिया . प्राप्त जानकारी के अनुसार स्नातकोत्तर के प्रथम सेमेस्टर 2014-15 में मेघा सूची के आधार पर नामांकन की अंतिम तिथि 16 अक्टूबर निर्धारित थी. सामान्य कोटि के प्राप्तांक 554 पर अंतिम चयन किया गया था. स्नातकोत्तर वाणिज्य में नामांकन हेतु दो स्थान रिक्त थे. इसके लिए छात्र अनिकेश आनन्द ने कुलपति से 10 अक्टूबर को ही नामांकन का आदेश आवेदन देकर लिया था. लेकिन विभागाध्यक्ष ने 16 अक्टूबर के बाद नामांकन लेने का आश्वासन दिया था. फिर 16 अक्टूबर को उक्त छात्र ने प्रतिकुलपति जो कुलपति के प्रभार में थे, से नामांकन का आदेश लिया था. लेकिन इसके बावजूद जब नामांकन नहीं लिया गया तो छात्र ने प्रतिकुलपति से शिकायत की. लिहाजा प्रतिकुलपति ने इच्छुक छात्र का नामांकन नहीं लेने, फोन से बुलाकर अन्य छात्रों का नामांकन लेने, विश्वविद्यालय के निर्देशों का पालन नहीं कर अवहेलना करने एवं वरीय पदाधिकारी से वार्ता में शिष्टाचार नहीं बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से वाण्जि्य विभागाध्यक्ष डॉ. पीएन सिंह को निलंबित कर दिया. इसके विरूद्ध बीएन मुस्टा ने बैठक कर प्रतिकुलपति द्वारा किये गये निलंबन को अतार्किक, क्षेत्राधिकार से बाहर मानते हुए निन्दनीय एवं भर्त्सना योग्य करार दिया है. इसके साथ ही कुलपति से निलम्बन के आदेश वापस लेने को भी मांग की है. यह अल्टीमेटम भी दिया गया है कि अगर भविष्य में भी ऐसी घटना की पुनरावृत्ति होगी तो शिक्षक संघ आन्दोलन करेगी.
17/10/2015 भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर वाणिज्य विभाग में नामांकन समापन की तिथि के बाद भी दो सीट खाली रखकर आवेदकों का नामांकन नहीं लिया गया तो प्रभारी कुलपति प्रतिकुलपति ने विभागाध्यक्ष को निलंबित कर दिया गया. इसके विरोध में विश्वविद्यालय के शिक्षक संघ ने निन्दा प्रस्ताव पारित कर प्रतिकुलपति के इस निलम्बन आदेश को फौरन वापस लेने की मांग कर भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति नहीं करने का अल्टीमेटम दिया . प्राप्त जानकारी के अनुसार स्नातकोत्तर के प्रथम सेमेस्टर 2014-15 में मेघा सूची के आधार पर नामांकन की अंतिम तिथि 16 अक्टूबर निर्धारित थी. सामान्य कोटि के प्राप्तांक 554 पर अंतिम चयन किया गया था. स्नातकोत्तर वाणिज्य में नामांकन हेतु दो स्थान रिक्त थे. इसके लिए छात्र अनिकेश आनन्द ने कुलपति से 10 अक्टूबर को ही नामांकन का आदेश आवेदन देकर लिया था. लेकिन विभागाध्यक्ष ने 16 अक्टूबर के बाद नामांकन लेने का आश्वासन दिया था. फिर 16 अक्टूबर को उक्त छात्र ने प्रतिकुलपति जो कुलपति के प्रभार में थे, से नामांकन का आदेश लिया था. लेकिन इसके बावजूद जब नामांकन नहीं लिया गया तो छात्र ने प्रतिकुलपति से शिकायत की. लिहाजा प्रतिकुलपति ने इच्छुक छात्र का नामांकन नहीं लेने, फोन से बुलाकर अन्य छात्रों का नामांकन लेने, विश्वविद्यालय के निर्देशों का पालन नहीं कर अवहेलना करने एवं वरीय पदाधिकारी से वार्ता में शिष्टाचार नहीं बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से वाण्जि्य विभागाध्यक्ष डॉ. पीएन सिंह को निलंबित कर दिया. इसके विरूद्ध बीएन मुस्टा ने बैठक कर प्रतिकुलपति द्वारा किये गये निलंबन को अतार्किक, क्षेत्राधिकार से बाहर मानते हुए निन्दनीय एवं भर्त्सना योग्य करार दिया है. इसके साथ ही कुलपति से निलम्बन के आदेश वापस लेने को भी मांग की है. यह अल्टीमेटम भी दिया गया है कि अगर भविष्य में भी ऐसी घटना की पुनरावृत्ति होगी तो शिक्षक संघ आन्दोलन करेगी.







