14/10/2015 प्रसिद्ध बाबा सिहेश्वर मंदिर परिसर स्थित शिवगंगा में बुधवार को एक युवक की मौत डूबने से हो गई. मिली जानकारी के अनुसार सुपौल जिले के गढ़ा गाँव निवासी दिलीप साह का पुत्र सत्यम कुमार अपने मौसेरे भाई कुणाल के साथ सिंहेश्वर मे पूजा एवं दंड प्रणाम के लिए गया था. दंड प्रणाम देने के लिए दोनों भाई शिवगंगा में नहाने लगे. इस दौरान सत्यम शिवगंगा किनारे कजली होने के करण फिसलकर गहरे पानी में आगे निकल गया, गहरे पानी में जाने के कारण वह डूब गया. काफी ढूंढने के बाद भी जब सत्यम नहीं मिला तो परिजनों को सूचना दी गयी. परिजन जब मंदिर परिसर पहुचें तो सत्यम को बेहोशी अवस्था में मिले. तत्काल उसे सिहेश्वर पीएचसी लाया गया. जहा डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मौत की खबर सुनते ही परिजनों में मातम छा गया. नवरात्र के मौके पर हर वर्ष प्राय: इस प्रकार की घटना होते रहती है. लेकिन इसे रोकने के लिए न्यास ने कोई व्यवस्था नहीं की. ना तो रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था किया गया है और ना ही पोखर में किसी प्रकार का सूचना पट्ट या सुरक्षा की कोई व्यवस्था की गयी है यदि पूर्व की घटना से कोई सबक लिया जाता तो शायद सत्यम की जान बचाई जा सकती थी. घटना की स्थिति दयनीय है पोखर के अगल -बगल अक्सर गदंगी का जमावाडा रहता है.एक और बात सामने आई है की कई जगह पर घाट से उतरते ही गहरा पानी है. जबकि घार्मिक स्थलों के पोखर स्नान के लिए ही होते है. और पोखरों की सफाई हमेशा होती रहती है.लेकिन किसी की भी नजर आज तक इस तरफ नही गई. कहते है की प्रशासन इस तरह के मामले में हमेशा लापरवाह ही रहते है. दो दिन पहले मौसी के घर आया था सत्यम वह सीएम सांइस कॉलेज का छात्र था, छात्रवृत्ति का फॉर्म भरने के लिए आया था.
14/10/2015 प्रसिद्ध बाबा सिहेश्वर मंदिर परिसर स्थित शिवगंगा में बुधवार को एक युवक की मौत डूबने से हो गई. मिली जानकारी के अनुसार सुपौल जिले के गढ़ा गाँव निवासी दिलीप साह का पुत्र सत्यम कुमार अपने मौसेरे भाई कुणाल के साथ सिंहेश्वर मे पूजा एवं दंड प्रणाम के लिए गया था. दंड प्रणाम देने के लिए दोनों भाई शिवगंगा में नहाने लगे. इस दौरान सत्यम शिवगंगा किनारे कजली होने के करण फिसलकर गहरे पानी में आगे निकल गया, गहरे पानी में जाने के कारण वह डूब गया. काफी ढूंढने के बाद भी जब सत्यम नहीं मिला तो परिजनों को सूचना दी गयी. परिजन जब मंदिर परिसर पहुचें तो सत्यम को बेहोशी अवस्था में मिले. तत्काल उसे सिहेश्वर पीएचसी लाया गया. जहा डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मौत की खबर सुनते ही परिजनों में मातम छा गया. नवरात्र के मौके पर हर वर्ष प्राय: इस प्रकार की घटना होते रहती है. लेकिन इसे रोकने के लिए न्यास ने कोई व्यवस्था नहीं की. ना तो रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था किया गया है और ना ही पोखर में किसी प्रकार का सूचना पट्ट या सुरक्षा की कोई व्यवस्था की गयी है यदि पूर्व की घटना से कोई सबक लिया जाता तो शायद सत्यम की जान बचाई जा सकती थी. घटना की स्थिति दयनीय है पोखर के अगल -बगल अक्सर गदंगी का जमावाडा रहता है.एक और बात सामने आई है की कई जगह पर घाट से उतरते ही गहरा पानी है. जबकि घार्मिक स्थलों के पोखर स्नान के लिए ही होते है. और पोखरों की सफाई हमेशा होती रहती है.लेकिन किसी की भी नजर आज तक इस तरफ नही गई. कहते है की प्रशासन इस तरह के मामले में हमेशा लापरवाह ही रहते है. दो दिन पहले मौसी के घर आया था सत्यम वह सीएम सांइस कॉलेज का छात्र था, छात्रवृत्ति का फॉर्म भरने के लिए आया था.







