पठानकोट हमले का बिहार कनेक्शन - मधेपुरा खबर Madhepura Khabar

 

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23 जनवरी 2016

पठानकोट हमले का बिहार कनेक्शन

पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमले के दौरान घायल गूंगा व्यक्ति मधेपुरा का राजकुमार ही निकला. फिलहाल पठानकोट के सिविल अस्पताल में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में उसका इलाज चल रहा है. एनआईए कई बार जाकर संदिग्ध गूंगे की छानबीन भी कर चुकी है. एनआई की सलाह पर ही उसका सीटी स्कैन कराया गया जहां उसे पूरी तरह से मानसिक स्वस्थ्य बताया गया. राजकुमार के सिर पर लगे कट के निशान को लेकर भी जानकारी जुटायी जा रही है. इधर उसके माता-पिता को पठानकोट ले जाया जा रहा है. उसके माता-पिता के पठानकोट पहुंचने के बाद सारी स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है. दरअसल घायल गूंगा अब तक जांच एजेंसी के लिए पहेली बना हुआ है. जांच एजेंसी इस बात को लेकर कन्फर्म होना चाह रही है कि आखिरकार हमले के वक्त वह वहां क्या कर रहा था. जांच एजेंसी गूंगा को उसके भाई राकेश से फोन पर बात भी करा चुकी है. पंजाब पुलिस के अधिकारी भी कई राउण्ड उससे पूछताछ कर जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है. घटना के 6 छठे दिन लिख कर दिया अपना नाम : दो जनवरी को पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले में एक व्यक्ति घायल हुआ था. जिसे इलाज के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था. घटना के छठे दिन घायल गूंगे ने कागज पर अपना नाम राजकुमार एवं पिता का नाम अमरीका राम बताया. उसने अपना पता मधेपुरा के पिपराही दिया. जिसके आधार पर आईबी के अधिकारियों ने सिंहेश्वर के पिपराही गांव जाकर राजकुमार का नाम सामने आया सभी अपने अपने जगहों पर सही सलामत थे. इसके बाद आईबी के जांच की जानकारी मीडिया में आ जाने के बाद बेहद गोपनीय तरीके से पुन: जांच किया गया. बाद में आयी एनआईए की टीम उसके माता-पिता को लेकर दिल्ली भी चली गयी. दिया गया मोबाईल नंबर निकला मुजफ्फरपुर का  राजकुमार के अपने नाम पता के साथ जो एक मोबाइल नंबर लिख कर दिया था वो मुजफ्फरपुर का निकला था. जांच एजेंसियों ने जब उस लिखे गये नंबर पर कॉल किया था तो उसे एक महिला ने उठाया. फोन रिसिव करने वाली महिला ने ऐसे किसी भी युवक को जानने से इंकार किया था. गूंगा है या कर रहा है नाटक  जांच एजेंसियों को अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि घायल युवक गूंगा है या गूंगा बनने का नाटक कर रहा है. बताया जाता है कि घायल होने से बाद अस्पताल में भर्त्ती होते समय उसने अपना पता मध्य प्रदेश बोलकर बताया था. उसके बाद उसने कुछ नहीं कहा. यही नहीं अस्पताल में एक दिन स्ट्रेचर गिर जाने पर वह चीख उठा था. 20 दिनों से सिरदर्द बना हुआ है राजकुमार :पंजाब पुलिस उससे बुलवाना चाह रही है लेकिन प्रयासों के बावजूद वह सवालों के जवाब नहीं दे रहा है. वहां के एसएसपी ने उसकी आवाज सुनने के लिए भोजपुरी गीत भी सुनाया. हालांकि पुलिस एवं जांच एजेंसी इससे खतरा को महसूस नहीं कर रही है. लेकिन इस बात की जांच कर रही है. 



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