पटना
कोरोनावायरस के संक्रमण से जहां पूरा देश त्राहिमाम है वहीं बिहार सरकार ने दैनिक मजदूरों के लिए एक राहत भरी आवश्यक निर्देश जारी किया गया. निर्देश जारी कर उन्होंने बताया कि बिहार एवं बिहार के बाहर अन्य राज्यों में फंसे बिहारियों को उनके रहने और खाने की व्यवस्था बिहार सरकार करेगी.
इसको लेकर मुख्यमंत्री ने गुरुवार की देर शाम निर्देश जारी कर 100 करोड़ सीएम राहत कोष की घोषणा की. मुख्यमंत्री ने उच्च स्तरीय बैठक की और आवश्यक निर्देश पदाधिकारियों को दिए. मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि तुरन्त ही बिहार के सभी शहरों में जो भी रिक्शा चालक, दैनिक मजदूर एवं अन्य राज्यों के व्यक्ति जो लॉकडाउन के चलते फंसे हुये हैं, उनके रहने तथा भोजन की व्यवस्था कराएं.
इसी तरह बिहार के लोग जो बिहार के बाहर अन्य राज्यों में काम करते हैं और वह लॉकडाउन के कारण वहां के शहरों में फंसे हुए हैं या रास्ते में हैं, उनके लिये भी यह सभी व्यवस्था करवाने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्थानिक आयुक्त नई दिल्ली के माध्यम से संबंधित राज्य सरकारों एवं जिला प्रशाासन से समन्वय स्थापित कर भोजन एवं आवासन के लिए आवश्यक व्यस्था करेगी.
इस कार्य के लिए सीएम राहत कोष से आपदा प्रबंधन विभाग को 100 करोड़ दिए गए हैं. बिहार में पटना तथा अन्य शहरों में ऐसे लोगों के लिये वहीं पर आपदा राहत केन्द्र स्थापित किया जायेगा. इन जगहों पर व्यवस्था करने में सोशल डिस्टेंसिंग (सामाजिक दूरी) का भी विशेष ख्याल रखा जायेगा. इन केन्द्रों पर कोरोना संक्रमण से निपटने के लिये चिकित्सक भी उपलब्ध रहेंगे.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
कोरोनावायरस के संक्रमण से जहां पूरा देश त्राहिमाम है वहीं बिहार सरकार ने दैनिक मजदूरों के लिए एक राहत भरी आवश्यक निर्देश जारी किया गया. निर्देश जारी कर उन्होंने बताया कि बिहार एवं बिहार के बाहर अन्य राज्यों में फंसे बिहारियों को उनके रहने और खाने की व्यवस्था बिहार सरकार करेगी.
इसको लेकर मुख्यमंत्री ने गुरुवार की देर शाम निर्देश जारी कर 100 करोड़ सीएम राहत कोष की घोषणा की. मुख्यमंत्री ने उच्च स्तरीय बैठक की और आवश्यक निर्देश पदाधिकारियों को दिए. मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि तुरन्त ही बिहार के सभी शहरों में जो भी रिक्शा चालक, दैनिक मजदूर एवं अन्य राज्यों के व्यक्ति जो लॉकडाउन के चलते फंसे हुये हैं, उनके रहने तथा भोजन की व्यवस्था कराएं.
इसी तरह बिहार के लोग जो बिहार के बाहर अन्य राज्यों में काम करते हैं और वह लॉकडाउन के कारण वहां के शहरों में फंसे हुए हैं या रास्ते में हैं, उनके लिये भी यह सभी व्यवस्था करवाने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्थानिक आयुक्त नई दिल्ली के माध्यम से संबंधित राज्य सरकारों एवं जिला प्रशाासन से समन्वय स्थापित कर भोजन एवं आवासन के लिए आवश्यक व्यस्था करेगी.
इस कार्य के लिए सीएम राहत कोष से आपदा प्रबंधन विभाग को 100 करोड़ दिए गए हैं. बिहार में पटना तथा अन्य शहरों में ऐसे लोगों के लिये वहीं पर आपदा राहत केन्द्र स्थापित किया जायेगा. इन जगहों पर व्यवस्था करने में सोशल डिस्टेंसिंग (सामाजिक दूरी) का भी विशेष ख्याल रखा जायेगा. इन केन्द्रों पर कोरोना संक्रमण से निपटने के लिये चिकित्सक भी उपलब्ध रहेंगे.
(रिपोर्ट:- ईमेल)









