मधेपुरा
सूबे के मुखिया नीतीश कुमार ने रविवार को आदेश जारी कर पूरे बिहार को लॉकडाउन कर दिया है, लेकिन बिहार के मधेपुरा जिले में लॉकडाउन का कोई खास असर देखने को नहीं मिल रहा है.
आम दिनों की तरह लोग सड़क पर चल फिर रहे हैं और सभी दुकानें खुली पड़ी हैं. बता दें कि जारी आदेश के अनुसार सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं बहाल होंगी, लेकिन हमारे बिहार के लोग तो महान हैं उन्हें इमरजेंसी सेवा का कोई मतलब शायद पता नहीं है. सुबह होते ही सभी व्यापारी अपनी-अपनी दुकानें खोलकर बैठ गए हैं और सामान्य दिनों की तरह ही बाजार में चहल-पहल देखी जा रही है.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को आदेश जारी किया है कि कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से 31 मार्च तक के लिए पूरे राज्य में लॉकडाउन किया जाए. इस बंदी के दायरे से आवश्यक एवं अनिवार्य सेवाओं को बाहर रखा गया है. निजी प्रतिष्ठानों, निजी कार्यालयों एवं सार्वजनिक परिवहन को पूर्णतः बंद किया गया है लेकिन आवश्यक एवं अनिवार्य सेवाओं से संबंधित प्रतिष्ठानों को बंद से छूट है.
स्वास्थ्य विभाग द्वारा लॉक डाउन को लेकर जारी आदेश में कहा गया है कि सरकारी कार्यालयों में आम लोगों के प्रवेश के लिए पूर्व से जारी प्रतिबंध लागू रहेगा. लॉक डाउन संबंधी आदेश को प्रभावी करने के लिए डीएम को अधिकृत किया गया है. मधेपुरा खबर की टीम को जब इस बात का पता चला कि बिहार लॉकडाउन के आदेश के बाद भी बाजार खुली पड़ी है और सामान्य दिनों की तरह लोग सड़कों पर चल फिर रहे हैं.
उन्होंने कुछ स्थानीय दुकानदारों एवं स्थानीय लोगों से इस बात का पता लगाया तो उन्होंने कहा कि हमें बिहार लॉक डाउन हो गया है, इसकी कोई सूचना जिला प्रशासन की ओर से नहीं दी गई है. हालांकि टीवी चैनल, न्यूज़ पेपर के माध्यम से इस बात का पता चला है लेकिन स्थानीय प्रशासन द्वारा इस बात को लेकर कोई सूचना नहीं दी गई है.
अगर बिहार लॉकडाउन हो गया है तो स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि वह माइक से पूरे शहर में सूचना प्रसारित करवा कर इस बात की सूचना दें ताकि इमरजेंसी सेवाएं छोड़कर बांकी सभी दुकाने बंद हो जाएं और सभी लोग अपने-अपने घरों में हीं रहें और सुरक्षित रहें.
आवश्यक सेवाओं में चिकित्सा सेवा, खाद्यान्न एवं किराने के प्रतिष्ठान, दवा की दुकान, डेयरी एवं डेयरी से संबंधित प्रतिष्ठान, पेट्रोल पंप एवं सीएनजी स्टेशन, बैंकिंग एवं एटीएम, पोस्ट ऑफिस तथा प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया आदि सेवाएं शामिल हैं.
सूबे के मुखिया नीतीश कुमार ने रविवार को आदेश जारी कर पूरे बिहार को लॉकडाउन कर दिया है, लेकिन बिहार के मधेपुरा जिले में लॉकडाउन का कोई खास असर देखने को नहीं मिल रहा है.
आम दिनों की तरह लोग सड़क पर चल फिर रहे हैं और सभी दुकानें खुली पड़ी हैं. बता दें कि जारी आदेश के अनुसार सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं बहाल होंगी, लेकिन हमारे बिहार के लोग तो महान हैं उन्हें इमरजेंसी सेवा का कोई मतलब शायद पता नहीं है. सुबह होते ही सभी व्यापारी अपनी-अपनी दुकानें खोलकर बैठ गए हैं और सामान्य दिनों की तरह ही बाजार में चहल-पहल देखी जा रही है.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को आदेश जारी किया है कि कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से 31 मार्च तक के लिए पूरे राज्य में लॉकडाउन किया जाए. इस बंदी के दायरे से आवश्यक एवं अनिवार्य सेवाओं को बाहर रखा गया है. निजी प्रतिष्ठानों, निजी कार्यालयों एवं सार्वजनिक परिवहन को पूर्णतः बंद किया गया है लेकिन आवश्यक एवं अनिवार्य सेवाओं से संबंधित प्रतिष्ठानों को बंद से छूट है.
स्वास्थ्य विभाग द्वारा लॉक डाउन को लेकर जारी आदेश में कहा गया है कि सरकारी कार्यालयों में आम लोगों के प्रवेश के लिए पूर्व से जारी प्रतिबंध लागू रहेगा. लॉक डाउन संबंधी आदेश को प्रभावी करने के लिए डीएम को अधिकृत किया गया है. मधेपुरा खबर की टीम को जब इस बात का पता चला कि बिहार लॉकडाउन के आदेश के बाद भी बाजार खुली पड़ी है और सामान्य दिनों की तरह लोग सड़कों पर चल फिर रहे हैं.
उन्होंने कुछ स्थानीय दुकानदारों एवं स्थानीय लोगों से इस बात का पता लगाया तो उन्होंने कहा कि हमें बिहार लॉक डाउन हो गया है, इसकी कोई सूचना जिला प्रशासन की ओर से नहीं दी गई है. हालांकि टीवी चैनल, न्यूज़ पेपर के माध्यम से इस बात का पता चला है लेकिन स्थानीय प्रशासन द्वारा इस बात को लेकर कोई सूचना नहीं दी गई है.
अगर बिहार लॉकडाउन हो गया है तो स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि वह माइक से पूरे शहर में सूचना प्रसारित करवा कर इस बात की सूचना दें ताकि इमरजेंसी सेवाएं छोड़कर बांकी सभी दुकाने बंद हो जाएं और सभी लोग अपने-अपने घरों में हीं रहें और सुरक्षित रहें.
आवश्यक सेवाओं में चिकित्सा सेवा, खाद्यान्न एवं किराने के प्रतिष्ठान, दवा की दुकान, डेयरी एवं डेयरी से संबंधित प्रतिष्ठान, पेट्रोल पंप एवं सीएनजी स्टेशन, बैंकिंग एवं एटीएम, पोस्ट ऑफिस तथा प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया आदि सेवाएं शामिल हैं.












