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| मधेपुरा कॉलेज चौक पर वाहन चालक को हिदायत देते पुलिस |
मधेपुरा : बिहार में भी कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। शुक्रवार को सुबह में यह आंकड़ा 83 तक पहुंच गया है। लेकिन राहत की बात यह है कि मधेपुरा में अब तक एक भी कोरोना संक्रमित नहीं पाए गए हैं।
गुरुवार तक मधेपुरा में 65 कोरोना संदिग्धों की जांच की गई, जिसमें सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। अगर 20 अप्रैल तक जिले में कोई भी कोरोना संक्रमित मरीज नहीं आते हैं तो लॉक डाउन में कुछ छूट दी जा सकती है।
खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल को देश के नाम संबोधन में कहा था कि 20 अप्रैल तक सरकारी तंत्र द्वारा नियमों के पालन किए जाने वाले जगहों को परखा जाएगा। जिन जगहों पर कोई कोरोना पॉजिटिव केस नहीं होगा और नियमों का पालन बेहतर तरीके से होगा वहां 20 अप्रैल के बाद लॉकडाउन के नियमों में कुछ ढ़ील दी जा सकती है।
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| लॉक डाउन के कारण मधेपुरा की सुनसान सड़कें |
लेकिन यह नहीं बताया गया था कि किस तरह की छूट दी जा सकती है। बताया जा रहा है कि जिन जिलों में कोई कोरोना पॉजिटिव नहीं है उसे ग्रीन जोन में रखा जाएगा। मधेपुरा भी इस जोन में आता है। ऐसे में इस तरह के जिलों को मिलने वाली छूट का लाभ मधेपुरा को भी मिल सकता है। लेकिन इसके लिए शर्त यह है कि अगले चार दिन तक जिले में किसी का भी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आए एवं नियमों का पूरी तरह से पालन हों।
लॉक डाउन के कारण सभी व्यवसायिक गतिविधियां ठप है। इस कारण से व्यापारियों को काफी नुकसान हो रहा है। वहीं प्रतिदिन काम कर परिवार चलाने वाले लोगों के समक्ष भी भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कई परिवारों को दो वक्त का भोजन भी नसीब नहीं हो रहा है।











