मुरलीगंज: विभिन्न राज्यों में फंसे मजदूर एवं बाहर से आने वाले प्रवासियों के लिए नपं क्षेत्र में छह नये क्वारंटाइन सेंटर बनाए गए हैं. इन सेन्टरों में बाहर से आने वाले मजदूरों को 21 दिनों तक रखकर क्वारंटाइन किया जायेगा.
बताया गया कि शहर के काशीपुर स्थिति सोनी मध्य विद्यालय, चंद्रमणि मध्य विद्यालय, आदर्श मध्य विद्यालय, एलपीएम महाविद्यालय, केपी महाविद्यालय, बीएल उच्चमाध्यमिक स्कूल को कोरेटाईन सेन्टर बनाया गया हैं. इन सेन्टरों में से चंद्रमणि मध्यविधालय में रविवार को राजस्थान से आए चार प्रवासी मजदूर को रखा गया हैै.
इन सेन्टरो पर पदाधिकारी के साथ पुलिस बल भी तैनात किये गये हैं. हलांकि प्रवासी मजदूरों के लिए सेन्टरों पर समुचित व्यवस्था का घोर अभाव था. क्वारंटाइन सेन्टर के रूमों में रोशनी की व्यवस्था, विश्राम करने के लिए समुचित व्यवस्था, खाने पीने को लेकर लापरवाही बरती जा रही हैं.
बाहर से आने वाले मजदूरों में तमौट परसा के शंकर मंडल, सूरज कुमार, गंगापुर पंचायत के सेठू कुमार एवं रघुनाथपुर पंचायत के विकास कुमार शामिल हैं. जो राजस्थान के नागौर जिला स्थित मकराना में रहकर मजदूरी किया करते थे. इन लोगों ने बताया कि 1 मई को बस में सवार होकर राजस्थान से रवाना हुए.
उसके बाद स्पेशल ट्रेन से दानापुर तक लाया गया. उसके बाद दानापुर से बस द्वारा मुरलीगंज पहुंचे. साथ ही इनलोगों ने बताया कि सेन्टर पर आराम करने के लिए कोई समुचित व्यवस्था नही हैं. वगैर रोशनी के अंधेरे रूम में ही रात बिताना पड़ेगा.
बताया गया कि शहर के काशीपुर स्थिति सोनी मध्य विद्यालय, चंद्रमणि मध्य विद्यालय, आदर्श मध्य विद्यालय, एलपीएम महाविद्यालय, केपी महाविद्यालय, बीएल उच्चमाध्यमिक स्कूल को कोरेटाईन सेन्टर बनाया गया हैं. इन सेन्टरों में से चंद्रमणि मध्यविधालय में रविवार को राजस्थान से आए चार प्रवासी मजदूर को रखा गया हैै.
इन सेन्टरो पर पदाधिकारी के साथ पुलिस बल भी तैनात किये गये हैं. हलांकि प्रवासी मजदूरों के लिए सेन्टरों पर समुचित व्यवस्था का घोर अभाव था. क्वारंटाइन सेन्टर के रूमों में रोशनी की व्यवस्था, विश्राम करने के लिए समुचित व्यवस्था, खाने पीने को लेकर लापरवाही बरती जा रही हैं.
बाहर से आने वाले मजदूरों में तमौट परसा के शंकर मंडल, सूरज कुमार, गंगापुर पंचायत के सेठू कुमार एवं रघुनाथपुर पंचायत के विकास कुमार शामिल हैं. जो राजस्थान के नागौर जिला स्थित मकराना में रहकर मजदूरी किया करते थे. इन लोगों ने बताया कि 1 मई को बस में सवार होकर राजस्थान से रवाना हुए.
उसके बाद स्पेशल ट्रेन से दानापुर तक लाया गया. उसके बाद दानापुर से बस द्वारा मुरलीगंज पहुंचे. साथ ही इनलोगों ने बताया कि सेन्टर पर आराम करने के लिए कोई समुचित व्यवस्था नही हैं. वगैर रोशनी के अंधेरे रूम में ही रात बिताना पड़ेगा.










