मुरलीगंज: भारत में कोरोना वायरस की वजह से सोमवार से लॉकडाउन 3.0 जारी है. इसके बावजूद लोगो में सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर पूरी तरह लापरवाही बरती जा रही हैं. सुबह और शाम सड़को पर काफी भीड़ लगी रहती हैंं.
लॉकडाउन से पूर्व हरदिन गुलजार रहने वाला मुरलीगंज बाजार में लॉकडाउन के तहत सन्नाता दिख रह था लेकिन सोमवार से फिर इस बाजार में चहल कदमी बढ़ गयी. अधिकांश लोगों का कामकाज ठप पड़ा है. और लोग घरों में लॉकडाउन खुलने का इंतज़ार कर रहे हैं.
इस बीच सरकारी बैंक या बैंकों से जुड़े ग्राहक सेवा केन्द्रों पर सोशल डिस्टेंशिंग (आपसी दूरी) को लेकर बड़ी समस्या उत्पन्न हो रही हैं. शहरी क्षेत्र के अलावे ग्रामीण क्षेत्रो में कार्यरत ग्राहक सेवा केंद्र पर सुबह आठ बजे से ही पैसे निकालने के लिए भीड़ लगने लगती हैं.
बच्चे, बूढ़े व व्यस्क महिला - पुरूष झुंड में खड़े रहकर अपनी नंबर का इंतजार करते हैंं. ये लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के बजाय उसकी अवहेलना करते नजर आते हैं. कोरोना जैसे वैश्विक महामारी से आज विश्व ग्रसित हैंं. लेकिन इसके बावजूद गांव एवं कस्वे के लोग इसको लेकर जागरूक नही हो रहे हैंं.
लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे हैं. वर्तमान में सरकार की ओर से जनधन खातों में पैसा डाले जाने के साथ ही उज्जवला लाभार्थियों की गैस का पैसा भी खाते में आ गया है. इस कारण से बैंकों के ग्राहक सेवा केन्द्रों पर भीड़ अधिक उमड़ रही है.
लॉकडाउन से पूर्व हरदिन गुलजार रहने वाला मुरलीगंज बाजार में लॉकडाउन के तहत सन्नाता दिख रह था लेकिन सोमवार से फिर इस बाजार में चहल कदमी बढ़ गयी. अधिकांश लोगों का कामकाज ठप पड़ा है. और लोग घरों में लॉकडाउन खुलने का इंतज़ार कर रहे हैं.
इस बीच सरकारी बैंक या बैंकों से जुड़े ग्राहक सेवा केन्द्रों पर सोशल डिस्टेंशिंग (आपसी दूरी) को लेकर बड़ी समस्या उत्पन्न हो रही हैं. शहरी क्षेत्र के अलावे ग्रामीण क्षेत्रो में कार्यरत ग्राहक सेवा केंद्र पर सुबह आठ बजे से ही पैसे निकालने के लिए भीड़ लगने लगती हैं.
बच्चे, बूढ़े व व्यस्क महिला - पुरूष झुंड में खड़े रहकर अपनी नंबर का इंतजार करते हैंं. ये लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के बजाय उसकी अवहेलना करते नजर आते हैं. कोरोना जैसे वैश्विक महामारी से आज विश्व ग्रसित हैंं. लेकिन इसके बावजूद गांव एवं कस्वे के लोग इसको लेकर जागरूक नही हो रहे हैंं.
लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे हैं. वर्तमान में सरकार की ओर से जनधन खातों में पैसा डाले जाने के साथ ही उज्जवला लाभार्थियों की गैस का पैसा भी खाते में आ गया है. इस कारण से बैंकों के ग्राहक सेवा केन्द्रों पर भीड़ अधिक उमड़ रही है.










