मधेपुरा: प्रेस यानी मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है. यूं तो पूरी दुनिया में आज भी प्रेस आम आदमी की जुबान है, लेकिन बात भारत की करें तो आजादी की लड़ाई से लेकर आज के हालात में मीडिया की काफी अहम भूमिका रही है. 3 मई को अंतरराष्ट्रीय प्रेस स्वतंत्रता दिवस (वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम डे) मनाया जाता है.
इस अवसर पर जिले के वरीय पत्रकार स ऑल इंडियन रिपोर्टर एसोसिएशन आईरा के जिला मुख्य संरक्षक प्रो. प्रदीप कुमार झा को जिला अध्यक्ष मुरारी कुमार सिंह महासचिव सुनीत साना एवं सचिव रविकांत कुमार के द्वारा संयुक्त रूप से अंगवस्त्र, पाग एवं कलम देकर सम्मानित किया गया.
सम्मानित करते हुए जिलाध्यक्ष मुरारी कुमार सिंह ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की महासभा ने 3 मई को विश्व प्रेस दिवस या विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस घोषित किया ताकि प्रेस की आजादी के महत्व से दुनिया को आगाह कराया जाए.
इसका एक और मकसद दुनिया भर की सरकारों को यह याद दिलाना है कि अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार की रक्षा और सम्मान करना इसका कर्तव्य है. लोकतंत्र के मूल्यों की सुरक्षा और उनको बहाल करने में मीडिया अहम भूमिका निभाता है. इसलिए सरकारों को पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए. मुख्य संरक्षक प्रदीप कुमार झा ने सम्मान पाते हुए कहा कि प्रेस किसी भी समाज का आईना होता है.
प्रेस की आजादी से यह बात साबित होती है कि उस देश में अभिव्यक्ति की कितनी स्वतंत्रता है. भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में प्रेस की स्वतंत्रता एक मौलिक जरूरत है. प्रेस और मीडिया हमारे आसपास घटित होने वाली घटनाओं से हमें अवगत करवा कर हमारे लिए खबर वाहक का काम करती हैं, यही खबरें हमें दुनिया से जोड़े रखती हैं.
महासचिव सुनीत साना ने कहा कि भारतीय पत्रकारित में हमेशा विचार हावी होता है, जबकि पश्चिम में तथ्यात्मकता पर जोर दिया जाता है. इससे कहीं न कहीं हमारे पत्रकारिता के स्तर में कमी आती है. इसके अलावा भारतीय पत्रकारों में पुरस्कारों के प्रति जागरूकता की भी कमी है, वे इसके लिए प्रयासरत नहीं रहते.
सचिव रविकांत कुमार विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस का उद्देश्य प्रेस की आजादी के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाना है. प्रेस की आजादी और समाचारों को लोगों तक पहुंचाकर, सशक्त हो रहे मीडियाकर्मियों का व्यापक विकास करना इसका उद्देश्य है. कोरोना वायरस को लेकर पूरे देश में लॉक डाउन है.
जिस कारण सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए राकेश सिंह डॉक्टर ईश्वर चंद भगत, मुकेश कुमार, रजनीश सिंह, दिलखुश कुमार, डॉक्टर संजय परमार, डॉ सरोज कुमार, मिथिलेश कुमार, मोहम्मद मेराज आलम, मोहम्मद जावेद अख्तर, बंटी सिंह, चिराग शाह, रमानन्द कुमार, मिथलेश कुमार, रमन कुमार आदि ने अपने अपने घरों से ही व्हाट्सएप के जरिए शुभकामना देते हुए कार्य की सराहना की.
इस अवसर पर जिले के वरीय पत्रकार स ऑल इंडियन रिपोर्टर एसोसिएशन आईरा के जिला मुख्य संरक्षक प्रो. प्रदीप कुमार झा को जिला अध्यक्ष मुरारी कुमार सिंह महासचिव सुनीत साना एवं सचिव रविकांत कुमार के द्वारा संयुक्त रूप से अंगवस्त्र, पाग एवं कलम देकर सम्मानित किया गया.
सम्मानित करते हुए जिलाध्यक्ष मुरारी कुमार सिंह ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की महासभा ने 3 मई को विश्व प्रेस दिवस या विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस घोषित किया ताकि प्रेस की आजादी के महत्व से दुनिया को आगाह कराया जाए.
इसका एक और मकसद दुनिया भर की सरकारों को यह याद दिलाना है कि अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार की रक्षा और सम्मान करना इसका कर्तव्य है. लोकतंत्र के मूल्यों की सुरक्षा और उनको बहाल करने में मीडिया अहम भूमिका निभाता है. इसलिए सरकारों को पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए. मुख्य संरक्षक प्रदीप कुमार झा ने सम्मान पाते हुए कहा कि प्रेस किसी भी समाज का आईना होता है.
प्रेस की आजादी से यह बात साबित होती है कि उस देश में अभिव्यक्ति की कितनी स्वतंत्रता है. भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में प्रेस की स्वतंत्रता एक मौलिक जरूरत है. प्रेस और मीडिया हमारे आसपास घटित होने वाली घटनाओं से हमें अवगत करवा कर हमारे लिए खबर वाहक का काम करती हैं, यही खबरें हमें दुनिया से जोड़े रखती हैं.
महासचिव सुनीत साना ने कहा कि भारतीय पत्रकारित में हमेशा विचार हावी होता है, जबकि पश्चिम में तथ्यात्मकता पर जोर दिया जाता है. इससे कहीं न कहीं हमारे पत्रकारिता के स्तर में कमी आती है. इसके अलावा भारतीय पत्रकारों में पुरस्कारों के प्रति जागरूकता की भी कमी है, वे इसके लिए प्रयासरत नहीं रहते.
सचिव रविकांत कुमार विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस का उद्देश्य प्रेस की आजादी के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाना है. प्रेस की आजादी और समाचारों को लोगों तक पहुंचाकर, सशक्त हो रहे मीडियाकर्मियों का व्यापक विकास करना इसका उद्देश्य है. कोरोना वायरस को लेकर पूरे देश में लॉक डाउन है.
जिस कारण सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए राकेश सिंह डॉक्टर ईश्वर चंद भगत, मुकेश कुमार, रजनीश सिंह, दिलखुश कुमार, डॉक्टर संजय परमार, डॉ सरोज कुमार, मिथिलेश कुमार, मोहम्मद मेराज आलम, मोहम्मद जावेद अख्तर, बंटी सिंह, चिराग शाह, रमानन्द कुमार, मिथलेश कुमार, रमन कुमार आदि ने अपने अपने घरों से ही व्हाट्सएप के जरिए शुभकामना देते हुए कार्य की सराहना की.











