गम्हरिया: गम्हरिया प्रखंड क्षेत्र के टेरीही उपस्वास्थ्य केंद्र पिछले कई महीनों से बंद पड़ा हुआ है. बंद होने के कारण उप स्वास्थ्य केंद्र परिसर में बकरियां और कुत्ते नजर आते हैं. ग्रामीणों ने कहा कि यह उप स्वास्थ्य केंद्र कई महीनों से बंद है. यहां पर कोई भी डॉक्टर इलाज करने नहीं आता है.
गांव के लोगों को इलाज कराने के लिए गम्हरिया जाना पड़ता है. स्थिति यह है कि गम्हरिया प्रखंड के बभनी उपस्वास्थ्य केंद्र एवं फूलकाह उप स्वास्थ्य केंद्र पहुंचते हैं तो वहा भी ताला लटका मिलता है. जिससे लोगों को इलाज करवाने के लिए मधेपुरा, सहरसा, सुपौल या फिर पटना जाना पड़ता है. ग्रामीणों का कहना है कि यह सभी उप स्वास्थ्य केंद्र लोगों के दिखावे के लिए बनाया गया है.
इस बात को लेकर ग्रामीणों में रोष भी है. जब भी किसी को छोटे-मोटे इलाज की जरूरत पड़ती है तो सदर अस्पताल सदर अस्पताल मधेपुरा की ओर रुख करना पड़ता है. गम्हरिया पीएचसी प्रभारी डॉ. डीएम चौधरी ने बताया कि उपस्वास्थ्य केंद्र में तैनात डॉक्टर और नर्स की ड्यूटी कोरोना वायरस को लेकर पीएससी में लगाई गई है.
उच्च अधिकारियों के द्वारा इस तरह का निर्देश दिया गया था. नया आदेश आने पर उन्हें पूर्व के स्थान पर भेज दिया जाएगा.
(रिपोर्ट:- मिथिलेश कुमार)
पब्लिसिटी के लिए नहीं पब्लिक के लिए काम करना ही पत्रकारिता है....
गांव के लोगों को इलाज कराने के लिए गम्हरिया जाना पड़ता है. स्थिति यह है कि गम्हरिया प्रखंड के बभनी उपस्वास्थ्य केंद्र एवं फूलकाह उप स्वास्थ्य केंद्र पहुंचते हैं तो वहा भी ताला लटका मिलता है. जिससे लोगों को इलाज करवाने के लिए मधेपुरा, सहरसा, सुपौल या फिर पटना जाना पड़ता है. ग्रामीणों का कहना है कि यह सभी उप स्वास्थ्य केंद्र लोगों के दिखावे के लिए बनाया गया है.
इस बात को लेकर ग्रामीणों में रोष भी है. जब भी किसी को छोटे-मोटे इलाज की जरूरत पड़ती है तो सदर अस्पताल सदर अस्पताल मधेपुरा की ओर रुख करना पड़ता है. गम्हरिया पीएचसी प्रभारी डॉ. डीएम चौधरी ने बताया कि उपस्वास्थ्य केंद्र में तैनात डॉक्टर और नर्स की ड्यूटी कोरोना वायरस को लेकर पीएससी में लगाई गई है.
उच्च अधिकारियों के द्वारा इस तरह का निर्देश दिया गया था. नया आदेश आने पर उन्हें पूर्व के स्थान पर भेज दिया जाएगा.
(रिपोर्ट:- मिथिलेश कुमार)
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