शोध-प्रबंध को शोध गंगा पर अपलोड करने, विश्वविद्यालय का सोशल रिस्पांसबिलिटी बढ़ाने एवं इंडस्ट्रीज एकेडमिया एक्सचेंज पर विचार किया गया. डाटाबेस आफ रिसर्च एक्टीविटी तैयार करने और डिजिट्लाइजेशन आफ रिसर्च पर भी विचार किया गया. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय जर्नल में पेपर प्रकाशन और इनोवेशन को प्रोत्साहित किया जाएगा. राजभवन द्वारा राज्य स्तर पर यूनिफार्म पाठ्यक्रम लागू किया गया है, जिसमें जाब आरिएटेड कोर्सेस भी शामिल हैं.
इस अवसर पर प्रति कुलपति प्रोफेसर डॉ. आभा सिंह, डीएसडब्लू डॉ. अशोक कुमार यादव, कुलसचिव डॉ. कपिलदेव प्रसाद, नोडल पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिंह, अकादमिक निदेशक डॉ. एम. आई. रहमान, एआईक्यू निदेशक डॉ. मोहित कुमार घोष, खेल सचिव डॉ. अबुल फजल, जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. सुधांशु शेखर, इंजीनियर कमल किशोर यादव आदि उपस्थित थे.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
पब्लिसिटी के लिए नहीं पब्लिक के लिए काम करना ही पत्रकारिता है....









