मधेपुरा: स्वास्थ्य विभाग में काम करने वाले कार्यपालक सहायकों ने सेवा नियमित करने की मांग को लेकर गुरुवार को विरोध प्रदर्शन किया. सेवा नियमित करने की मांग को लेकर कार्यपालक सहायकों ने सिविल सर्जन को आवेदन दिया. स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश जताया. कार्यपालक सहायकों ने सिविल सर्जन को दिए आवेदन में कहा है कि संजीवनी कार्यक्रम और कल्याण समिति के तहत स्वास्थ्य समिति द्वारा उनलोगों को प्रतिनियोजित किया गया है. जिला स्वास्थ्य समिति के पत्रांक 1471 दिनांक आठ दिसंबर के पत्र में उनलोगों को सेवामुक्त करने का आदेश दिया गया है. उनलोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग में उनलोगों का समायोजन किया जाए.
सभी कर्मियों ने सेवा मुक्त के बजाय जिला स्थापना शाखा के बीपीएसएम पैनल में वापस करने की गुहार लगायी. बताया गया है कि बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी के जिला पैनल के लिए गए कार्यपालक सहायक को बीपीएसएम के जिला पैनल में वापस किया जाना है. राज्य के अन्य कई अन्य जिलों में फिर से उनलोगों का समायोजन किया जा रहा है जिसका लेटर भी आवेदन के साथ संलग्न किया गया है. संघ के अध्यक्ष नवीन कुमार ने कहा है कि स्वास्थ्य समिति के आदेश पत्र में आंशिक संसोशन करते हुए सेवा मुक्त के स्थान पर समाहरणालय के बीपीएसएम पैनल में वापस करने की गुहार लगायी है. उनलोगों ने कहा है कि अगर समायोजन नहीं होगा तो उनलोगों का जीवन अंधकारमय हो जाएगा.
वे लोग रोड पर बेरोजगारी के कतार में खड़े हो जाएंगे. प्रदर्शन में दीपक कुमार, सागर कुमार, हल्लु कुमार, सुनील कुमार, रणधीर कुमार, संतोष कुमार, कुंदन कुमार, मिथिलेश, रोहित कुमार शामिल रहे. सिविल सर्जन डॉ. अमरेन्द्र नारायण शाही ने बताया कि प्राइवेट एजेंसी के द्वारा उनलोगों का नियोजन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि उनसे जो भी सहायता हो सकेगी वे करने से पीछे नहीं हटेंगे.
(रिपोर्ट:- मोहन कुमार)
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