मधेपुरा: स्टूडेंट लाइफ में मैट्रिक की परीक्षा मिल के पत्थर के समान है. इसे सफलता पूर्वक पार करने के बाद स्टूडेंट्स और अभिभावक दिनों इस दिशा में चिंतन मनन करने लगते हैं कि आगे किन विषयों के साथ पढ़ाई की जाए. उक्त बातें बीएनएमयू के रिसर्च स्कॉलर सारंग तनय ने कही. उन्होंने कहा कि बिहार बोर्ड के मैट्रिक के रिजल्ट आ चुके हैं. इस दिशा में मंथन शुरू हो चुका है. स्टूडेंट्स पेसोपेश में हैं कि साइंस, कॉमर्स तथा आर्ट्स में से किसे प्राथमिकता दिया जाए, किस क्षेत्र में रोजगार/नौकरी की संभावनाएं ज्यादा है.
बीएनएमयू के रिसर्च स्कॉलर सारंग तनय कहते हैं कि मैट्रिक पास करने के बाद संकाय(फैकल्टी) के चयन को लेकर कई प्रश्न होते हैं जिसको लेकर घरों में चिंतन मनन चल रहा होता है, लेकिन इस क्रम में कई बार बच्चे की रुचि को नजरअंदाज कर दिया दिया जाता है. कई बार तो पड़ोस में रहने वाले बच्चे के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए गैर रुचिगत विषय की ओर उसे धकेल दिया जाता है. यह ट्रेंड बिल्कुल भी ठीक नहीं है. ऐसा करने से बच्चे की नैसर्गिक प्रतिभा कुंद हो जाती है तथा सफलता की संभावना अपेक्षाकृत कम हो जाती है.
उन्होंने कहा कि साइंस एवं कॉमर्स की तुलना में आर्ट्स सब्जेक्ट किसी भी मामले में कमतर नहीं है. न तो बौद्धिक उन्नति के मामले में ओर न ही रोजगार के मामले में. आर्ट्स पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को समाज में कमतर आंका जाता है जबकि वास्तविकता यह है कि वैचारिकी एवं तर्क शक्ति के मामले में आर्ट्स फैकल्टी के स्टूडेंट्स ज्यादा व्यवहारिक होते हैं. आर्ट्स सब्जेक्ट की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यूपीएससी एवं स्टेट पीसीएस की परीक्षाओं में अधिकतर कैंडिडेट्स आर्ट्स सब्जेक्ट का ही अध्ययन कर सफल होते हैं. एसएससी, रेलवे, सचिवालय सहायक एवं अन्य रोजगार परक परीक्षाओं में भी आर्ट्स सब्जेक्ट से प्रश्नों की अधिकता रहती है.
आर्ट्स सब्जेक्ट में हाई लेवल के अध्ययन के पश्चात रोजगार की संभावनाओं के अंनत द्वार खुल जाते हैं. जैसे इतिहास के अध्येता ही अभिलेखागार में, संग्रहालय में रोजगार पाते हैं. इकनॉमिक्स के स्टूडेंट्स आरबीआई,वित्त मंत्रालय,अर्थ जगत के विभिन्न डिपार्टमेंट में रोजगार पाते हैं. इसी प्रकार हिन्दी और इंग्लिश के स्टूडेंट्स पत्रकारिता, फिल्मी दुनिया, गीतकार, पठकथा, अनुवादक आदि के रूप में रोजगार प्राप्त कर अच्छी मुकाम हासिल कर सकते हैं. रिसर्च स्कॉलर सारंग तनय ने कहा कि आपके बच्चे में आर्ट्स सब्जेक्ट के प्रति रुचि है तथा उसके अंदर इसके अध्ययन की लालसा है तो उसे रोकें नहीं, बल्कि उसका उत्साहवर्द्धन करें,क्योंकि इन विषयों का भी अध्ययन कर आपका बच्चा उच्च पदों पर आसीन होकर आपका नाम रौशन कर सकता है.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
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