कोशी क्षेत्र में मुहर्रम पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, डीआईजी ने दिए सख्त निर्देश - मधेपुरा खबर Madhepura Khabar

 

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24 जून 2026

कोशी क्षेत्र में मुहर्रम पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, डीआईजी ने दिए सख्त निर्देश

सहरसा: आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए कोशी क्षेत्र की पुलिस पूरी तरह मुस्तैद हो गई है. मंगलवार को पुलिस उप महानिरीक्षक, कोशी क्षेत्र डॉ. कुमार आशीष ने सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. बैठक का मुख्य फोकस मुहर्रम की तैयारियों और जिलों में लंबित आपराधिक मामलों का त्वरित निष्पादन रहा. डीआईजी डॉ. आशीष ने सभी एसपी को स्पष्ट निर्देश दिया कि 24 जून तक दंगा निरोधक दस्ता और त्वरित प्रतिक्रिया टीम यानी क्यूआरटी का अभ्यास हर हाल में पूरा कर लिया जाए. उन्होंने कहा कि संवेदनशील और अतिसंवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए. मुहर्रम जुलूसों को लेकर उन्होंने शत प्रतिशत लाइसेंस जारी करने पर बल दिया ताकि कोई भी जुलूस बिना अनुमति के न निकले. साथ ही असामाजिक तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ पहले से निरोधात्मक कार्रवाई करने को कहा गया है. 
डीआईजी ने जुलूसों के दौरान डीजे बजाने पर सख्ती से नियंत्रण रखने का आदेश दिया। संवेदनशील इलाकों में माहौल सामान्य रखने के लिए नियमित फ्लैग मार्च कराया जाएगा. ताजिया जुलूसों की निगरानी के लिए सीसीटीवी, ड्रोन कैमरा और वीडियोग्राफी का इस्तेमाल किया जाएगा. मिश्रित आबादी वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने और सभी जुलूस मार्गों का भौतिक सत्यापन पहले से करने का निर्देश दिया गया है. सोशल मीडिया पर भी पुलिस की पैनी नजर रहेगी. अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी. बैठक में आपराधिक मामलों की स्थिति पर भी चर्चा हुई. कोशी क्षेत्र के तीनों जिलों में फिलहाल 12,206 मामले लंबित हैं. इसमें सहरसा में 2,499, सुपौल में 4,329 और मधेपुरा में 5,378 मामले शामिल हैं. पुलिस ने जून 2026 तक कुल 4,164 मामलों के निष्पादन का लक्ष्य रखा है. इसमें सहरसा के 586, सुपौल के 1,600 और मधेपुरा के 1,978 मामले निपटाए जाएंगे. डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने कहा कि सभी लंबित मामलों का गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान कर समयबद्ध निष्पादन किया जाएगा, जिससे पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सके. उन्होंने बताया कि इन मामलों की प्रगति की समीक्षा वे खुद हर सप्ताह करेंगे, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो.

(रिपोर्ट:- सुप्रित कुमार)

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