मधेपुरा: पार्वती साइंस कॉलेज, मधेपुरा में 22 सितंबर को साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) पवन कुमार ने की. अध्यक्षीय संबोधन में प्रधानाचार्य ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व और नैतिक जागरूकता का भी महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है. उन्होंने शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से इंटरनेट और सोशल मीडिया का विवेकपूर्ण उपयोग करने तथा डिजिटल अनुशासन अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सजग नागरिक ही सुरक्षित डिजिटल समाज का निर्माण कर सकते हैं. साइबर थाना प्रभारी मोहम्मद महबूब आलम ने साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी, डेटा चोरी, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया के दुरुपयोग और डिजिटल गोपनीयता जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कहा कि डिजिटल सभ्यता के इस दौर में साइबर सुरक्षा प्रत्येक नागरिक की अनिवार्य जिम्मेदारी बन गई है. तकनीकी ज्ञान के साथ जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का प्रभावी माध्यम है. उन्होंने विद्यार्थियों को मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करने, ओटीपी किसी के साथ साझा नहीं करने और संदिग्ध वेबसाइटों एवं लिंक से सावधान रहने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग करते समय विशेष सावधानी बरतें. किसी भी अनजान मैसेज, लिंक या तस्वीर के प्राप्त होने पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय पहले उसकी सत्यता की जांच करें. उन्होंने विद्यार्थियों से सतर्क और जागरूक रहने के साथ-साथ अपने आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की. कार्यक्रम में महाविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. ललन कुमार ललन, डॉ. नीलाकांत, प्रो. रीता कुमारी, डॉ. रामप्रकाश कुमार, डॉ. जहांगीर आलम, हिमांशु कुमार, डॉ. एनके झा, डॉ. श्याम कुमार, डॉ. सुजीत कुमार, डॉ. कुमारी परिणीता, डॉ. अलानूर, डॉ. संजीत कुमार, डॉ. सतीश कुमार सिंह, डॉ. सुनील कुमार, महेश मिश्रा, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. जितेंद्र कुमार, डॉ. अर्चना कुमारी, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. गुंजन भारती, डॉ. प्रभु साह, डॉ. कृशानु दयासी, डॉ. राम सिंह, प्रो. राजश्री सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे. कार्यक्रम का वातावरण ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी रहा. अंत में उपस्थित शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा के प्रति सजग और जागरूक रहने का संकल्प लिया. कार्यक्रम के संयोजक शिक्षाशास्त्र विभाग के प्राध्यापक अजय अंकोला ने मंच संचालन किया.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
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