07/02/15.पूर्व मुख्य पार्षद विजय कुमार विमल भाजपा में हुए शामिल............
मधेपुरा नगर परिषद् के पूर्व मुख्य पार्षद विजय कुमार विमल अपने समर्थकों के साथ भाजपा की सदस्यता लेने का निर्णय लिया है । नौ फरवरी को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय, विधायक दल के नेता नन्द किशोर यादव एवं सुशील मोदी के समक्ष पटना भाजपा कार्यालय में सदस्यता स्वीकार करेंगे। जदयू में नेता रहे पूर्व मुख्य पार्षद विजय कुमार विमल ने कहा कि जदयू में मची घमासान और लगातार गलत निर्णयों से तंग आकर भाजपा के साथ सदस्यता लेना चाहता हूँ जदयू में सत्रह वर्षो तक रहने के बावजूद अचानक बिना किसी कारण के भाजपा का परचम लहराया तो नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और मांझी को मुख्यमंत्री बना दिया। यह सब फैसला यही स्पष्ट करता है कि जदयू में सिर्फ बड़े नेताओं की मनमानी चलती है। भाजपा की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा की जदयू आज अगर भाजपा के साथ तालमेल रखता तो बिहार को विशेष राज्य का दर्जा भी मिला होता। लेकिन बिहार के बेहतरी के लिये चिंता किये बिना जदयू में सिर्फ मनमानी हो रही है। दूसरी ओर भाजपा ने अपने नीति और कार्यो से पूरा देश को प्रभावित किया है। सब आज विकास कार्यो की तारीफ कर रहे हैं। यहां निर्णय भी पूरी तरह लोकतांत्रिक होता है। वे सैकड़ों समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया है ताकि बिहार मतबूत हो।
मधेपुरा नगर परिषद् के पूर्व मुख्य पार्षद विजय कुमार विमल अपने समर्थकों के साथ भाजपा की सदस्यता लेने का निर्णय लिया है । नौ फरवरी को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय, विधायक दल के नेता नन्द किशोर यादव एवं सुशील मोदी के समक्ष पटना भाजपा कार्यालय में सदस्यता स्वीकार करेंगे। जदयू में नेता रहे पूर्व मुख्य पार्षद विजय कुमार विमल ने कहा कि जदयू में मची घमासान और लगातार गलत निर्णयों से तंग आकर भाजपा के साथ सदस्यता लेना चाहता हूँ जदयू में सत्रह वर्षो तक रहने के बावजूद अचानक बिना किसी कारण के भाजपा का परचम लहराया तो नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और मांझी को मुख्यमंत्री बना दिया। यह सब फैसला यही स्पष्ट करता है कि जदयू में सिर्फ बड़े नेताओं की मनमानी चलती है। भाजपा की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा की जदयू आज अगर भाजपा के साथ तालमेल रखता तो बिहार को विशेष राज्य का दर्जा भी मिला होता। लेकिन बिहार के बेहतरी के लिये चिंता किये बिना जदयू में सिर्फ मनमानी हो रही है। दूसरी ओर भाजपा ने अपने नीति और कार्यो से पूरा देश को प्रभावित किया है। सब आज विकास कार्यो की तारीफ कर रहे हैं। यहां निर्णय भी पूरी तरह लोकतांत्रिक होता है। वे सैकड़ों समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया है ताकि बिहार मतबूत हो।








