जिलेभर में चल रहे
निजी विद्यालयों के संचालन में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पाई गई है। यह गड़बड़ी शिक्षा
विभाग के द्वारा की गई जांच में सामने आई है। मालूम हो कि शिक्षा के अधिकार कानून
के तहत हर विद्यालय का निबंधन किया जाना था। इसके बाबत शिक्षा विभाग ने जिले के
लगभग 81 विद्यालयों का निबंधन किया गया। वहीं कई विद्यालय के आवेदन निबंधन की
अंतिम स्थिति में है। लेकिन इनमें से एक दर्जन विद्यालयों के निबंधन पर ग्रहण लग
गया है। नामांकन में होता है
खेल : जिलेभर में निबंधित
कई निजी विद्यालय आरटीआई कानून के तहत अपने विद्यालयों में 25 प्रतिशत बीपीएल
बच्चों का नामांकन नहीं कर रहें है। ऐसे में निजी विद्यालय कानून को ताक में रखकर
मनमानी तरीके से विद्यालय संचालन कर रहे हैं। इसकी शिकायत शिक्षा विभाग को कई
दिनों से मिल रही थी। शिकायत के आलोक में शिक्षा विभाग ने जांच कर इन आरोपों को
सही पाया है। जांच के दौरान कई विद्यालयों को चिन्हित भी किया गया है। चिन्हित किए
गए विद्यालयों पर शिक्षा विभाग कार्रवाई करने की तैयारी में जुट गया है। जांच में पाई गई
गड़बड़ी : निजी विद्यालयों के
द्वारा शिक्षा विभाग को दिए गए कागजात में भी गड़बड़ी पाई गई है। जिले के निजी
विद्यालयों ने बीपीएल कोटे से बच्चों का नामांकन में केवल कागजी औपचारिकता पूरी की
है। इस बावत विभाग को मिली शिकायत पर किसी तरह की कोताही बरतने के मूड में नहीं
दिख रही है। बीपीएल बच्चों के
नामांकन में किसी तरह की कोताही बर्दास्त नहीं होगी। चिन्हित किए गए विद्यालय पर
कार्रवाई करने पर विचार किया जा रहा है।
शिव शंकर राय
डीपीओ सर्व शिक्षा
अभियान









