मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर सोमवार को जिले में तूफान एवं भूकंप से पीड़ितों के बीच जारी राहत वितरण कार्यो की समीक्षा प्रभारी मंत्री बिजेन्द्र नारायण यादव ने किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लगातार हो रही आपदाओं के कारण लोगों में दहशत है। कोशिश यह होनी चाहिए कि कोई भी पीड़ित राहत से वंचित न रहे। इसके लिए मुस्तैदी से काम करे की जरूरत है। राहत कार्य में पारदर्शिता बरतें और अगर किसी के विरूद्ध शिकायत मिली तो कार्रवाई करें। जिले के प्रभारी सचिव राहुल कुमार सिंह ने कहा कि तटस्थ होकर पारदर्शितापूर्ण कार्य करें। किसी के भी दबाव या प्रेम में आकर अगर कोई गलत काम करेंगे तो फिर समस्याएं आएंगी। बैठक में सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने कहा कि क्षेत्र में आपदा - पीड़ितों की स्थिति नाजुक है। इन्हें उदारतापूर्वक राहत मुहैया कराये जाने की दरकार है। मुरलीगंज प्रखंड के कोल्हायपट्टी, रतनपट्टी, पलिलवार दीनापट्टी, नाढ़ी, जीतापुर, भतखोड़ा, भेलाही, गंगापुर, वृन्दावन, परमानन्दपुर आदि गावों की स्थिति बदतर है। मानवीयता के आधार पर भी उन्हें फौरन राहत की सेवा हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए ताकि लोगों की परेशानी कम हो सके। जिलाधिकारी गोपाल मीणा ने जिले में जारी राहत वितरण कार्य का विवरण देते हुए कहा कि लगातार सर्वेक्षण कार्य जारी है और उसके साथ ही राहत वितरण भी जारी है। बाद में सूची बद्ध मृतक के परिजन को भी शीघ्र चेक दिया जाएगा। नियमानुसार क्षतिग्रस्त, आंशिक क्षतिग्रस्त, फसल क्षति आदि का मुआवजा दिया जाने लगा है। आपदा मद में राज्य सरकार से 337.15 लाख रुपये का आवंटन प्राप्त हो चुका है जिनका आवास पूर्णतया क्षतिग्रस्त हो चुका है उन्हें एक क्विंटल अनाज के अतिरिक्त नकद अनुदान, बर्त्तन एवं वस्त्र अनुदान के रूप में 5800 रुपये का चेक दिया जा रहा है। अब तक 1235 चेक वितरण किया जा चुका है। फसल क्षति का भी प्राथमिकी आकलन कर अब पंचायत वार सर्वेक्षण किया जा रहा है। शीघ्र ही फसल क्षति मुआवजा का भी भुगतान किया जाएगा। बैठक में एसपी आशीष भारती, विधायक रमेश ऋषिदेव, जदयू अध्यक्ष सियाराम यादव, विधायक प्रतिनिधि महादेव चौधरी, एडीएम अबरार अहमद कमर एवं कन्हैया प्रसाद, एसडीओ मधेपुरा एवं उदाकिशुनगंज, सभी वरीय उपसमाहर्ता, बीडीओ, सीओ एवं कृषि पदाधिकारी गण आदि उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर सोमवार को जिले में तूफान एवं भूकंप से पीड़ितों के बीच जारी राहत वितरण कार्यो की समीक्षा प्रभारी मंत्री बिजेन्द्र नारायण यादव ने किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लगातार हो रही आपदाओं के कारण लोगों में दहशत है। कोशिश यह होनी चाहिए कि कोई भी पीड़ित राहत से वंचित न रहे। इसके लिए मुस्तैदी से काम करे की जरूरत है। राहत कार्य में पारदर्शिता बरतें और अगर किसी के विरूद्ध शिकायत मिली तो कार्रवाई करें। जिले के प्रभारी सचिव राहुल कुमार सिंह ने कहा कि तटस्थ होकर पारदर्शितापूर्ण कार्य करें। किसी के भी दबाव या प्रेम में आकर अगर कोई गलत काम करेंगे तो फिर समस्याएं आएंगी। बैठक में सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने कहा कि क्षेत्र में आपदा - पीड़ितों की स्थिति नाजुक है। इन्हें उदारतापूर्वक राहत मुहैया कराये जाने की दरकार है। मुरलीगंज प्रखंड के कोल्हायपट्टी, रतनपट्टी, पलिलवार दीनापट्टी, नाढ़ी, जीतापुर, भतखोड़ा, भेलाही, गंगापुर, वृन्दावन, परमानन्दपुर आदि गावों की स्थिति बदतर है। मानवीयता के आधार पर भी उन्हें फौरन राहत की सेवा हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए ताकि लोगों की परेशानी कम हो सके। जिलाधिकारी गोपाल मीणा ने जिले में जारी राहत वितरण कार्य का विवरण देते हुए कहा कि लगातार सर्वेक्षण कार्य जारी है और उसके साथ ही राहत वितरण भी जारी है। बाद में सूची बद्ध मृतक के परिजन को भी शीघ्र चेक दिया जाएगा। नियमानुसार क्षतिग्रस्त, आंशिक क्षतिग्रस्त, फसल क्षति आदि का मुआवजा दिया जाने लगा है। आपदा मद में राज्य सरकार से 337.15 लाख रुपये का आवंटन प्राप्त हो चुका है जिनका आवास पूर्णतया क्षतिग्रस्त हो चुका है उन्हें एक क्विंटल अनाज के अतिरिक्त नकद अनुदान, बर्त्तन एवं वस्त्र अनुदान के रूप में 5800 रुपये का चेक दिया जा रहा है। अब तक 1235 चेक वितरण किया जा चुका है। फसल क्षति का भी प्राथमिकी आकलन कर अब पंचायत वार सर्वेक्षण किया जा रहा है। शीघ्र ही फसल क्षति मुआवजा का भी भुगतान किया जाएगा। बैठक में एसपी आशीष भारती, विधायक रमेश ऋषिदेव, जदयू अध्यक्ष सियाराम यादव, विधायक प्रतिनिधि महादेव चौधरी, एडीएम अबरार अहमद कमर एवं कन्हैया प्रसाद, एसडीओ मधेपुरा एवं उदाकिशुनगंज, सभी वरीय उपसमाहर्ता, बीडीओ, सीओ एवं कृषि पदाधिकारी गण आदि उपस्थित थे।







