
17/06/15 बीएड में नामांकन के लिए निर्धारत शुल्क को कम करने की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कुलपति कार्यालय के समक्ष धरना दिया। इस दौरान रूक-रूक कर हंगामा होता रहा। इस दौरान छात्रों ने प्राचार्यों को बैठक में जाने से रोक दिया। बुधवार को 11 बजे से बीएड संचालित कॉलेजों व संस्थाओं के प्रधानों की बैठक शुरू हुई। बैठक शुरू होते ही अभाविप के सदस्य कुलपति कार्यालय के बाहर बरामदे पर धरना पर बैठ गए। छात्र बीएड में नामांकन के केंद्रीकृत परीक्षा व्यवस्था लागू करने एवं अंक के आधार पर नामांकन की मांग कर रहे थे। साथ ही बीएड कॉलेज प्रशासन से दो वर्षीय कोर्स के लिए निर्धारित एकमुश्त एक लाख बीस हजार रुपये के शुल्क को घटाकर दो किश्तों में 80 हजार रुपये करने की मांग कर रहे थे। बैठक समाप्त होने के उपरांत छात्रों ने कुलपति कार्यालय का मुख्य द्वार बंद कर दिया। इसके बाद प्राचार्य पिछले गेट से बाहर निकले। अंक के आधार पर होगा नामांकन दूसरी ओर प्रधानाध्यापकों के साथ हुई कुलपति की बैठक में तय हुआ कि कालेज अपने मन से बीएड नामाकन परीक्षा नहीं लेंगे। छात्रों का नामाकन अंक के आधार पर होगा। ज्ञातव्य हो कि पहली बार जब विवि के अंगीभूत कॉलेजों में बीएड खुला तो नामाकन अंक के आधार पर मेधा सूची बनाकर लिया गया। दूसरी बार कॉलेजों में आतरिक स्तर पर नामांकन परीक्षा का आयोजन किया गया। इसका छात्र संगठनों ने जमकर विरोध किया था।








