29/07/15 फणीश्वर नाथ रेणु शोधपीठ की स्थापना को लेकर बुधवार को एनएसयूआई की ओर से विमर्श गोष्ठी का आयोजन किया गया. गोष्ठी की अध्यक्षता स्नातकोत्तर हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष डा. विनय कुमार चौधरी ने किया. गोष्ठी का उद्घाटन मंडल विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति डॉ. जेपीएन झा ने किया. विमर्श गोष्ठी में मधेपुरा के साहित्यकार डॉ० सिद्धेश्वर काश्यप ने रेणु को साहित्य के क्षेत्र में नवीन मूल्य क्रान्ति करने वाला लेखक बताया. विचार गोष्ठी में डॉ० आरकेपी रमण, डॉ० एसके ओझा, डॉ० भूपेन्द्र मधेपुरी डॉ० अमोल राय आदि ने भी अपने विचार रखें और शोधपीठ की आवश्यकता जताई. एनएसयूआई के सुदीप कुमार ने रेणु शोधपीठ की स्थापना तक आन्दोलन चलाने के अभियान का संकल्प व्यक्त किया. एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रतिनिधि प्रभात कुमार मिस्टर ने कहा कि फणीश्वर नाथ रेणु हिन्दी साहित्य में आंचलिकता को प्रतिष्ठित करने वाले क्रांतिकारी लेखक है. उनके नाम पर हम शोधपीठ की स्थापना के लिए कृत संकल्प हैं. मनीष कुमार एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव ने कहा की फनीश्वरनाथ रेणु हमारी साहित्यिक के धरोहर है. 2010 में शोधपीठ की स्थापना का संकल्प लिया गया था. किन्तु आज तक इसकी स्थापना बीएनमएमयू में नहीं हुई. उन्होंने स्थापना की मांग की.अगर स्थापना नहीं हुए तो आन्दोलन के लिए बाध्य होगें. विचार गोष्ठी में डॉ० ललितेश मिश्र, डॉ० जेएन राय, डॉ० शिव बालक प्रसाद, डॉ० विद्यानंद मिश्र, डॉ० नरेंद्र प्रसाद, डॉ० विश्वनाथ विवेका, प्रो० शैलेन्द्र यादव, डॉ० नरेंद्र श्रीवास्तव, डॉ. शिववालक प्रसाद, डॉ. विद्यानंद मिश्र, डॉ. विश्वनाथ विवेका, डॉ. शैलेन्द्र, यादव, आदि ने अपने विचार व्यक्त किए तथा शोधपीठ की स्थापना पर बल दिया.और अंत में पूर्व राष्ट्रपति डॉ० ऐपीजे अब्दुल कलम को श्रद्धांजलि भी दी गई.
29/07/15 फणीश्वर नाथ रेणु शोधपीठ की स्थापना को लेकर बुधवार को एनएसयूआई की ओर से विमर्श गोष्ठी का आयोजन किया गया. गोष्ठी की अध्यक्षता स्नातकोत्तर हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष डा. विनय कुमार चौधरी ने किया. गोष्ठी का उद्घाटन मंडल विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति डॉ. जेपीएन झा ने किया. विमर्श गोष्ठी में मधेपुरा के साहित्यकार डॉ० सिद्धेश्वर काश्यप ने रेणु को साहित्य के क्षेत्र में नवीन मूल्य क्रान्ति करने वाला लेखक बताया. विचार गोष्ठी में डॉ० आरकेपी रमण, डॉ० एसके ओझा, डॉ० भूपेन्द्र मधेपुरी डॉ० अमोल राय आदि ने भी अपने विचार रखें और शोधपीठ की आवश्यकता जताई. एनएसयूआई के सुदीप कुमार ने रेणु शोधपीठ की स्थापना तक आन्दोलन चलाने के अभियान का संकल्प व्यक्त किया. एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रतिनिधि प्रभात कुमार मिस्टर ने कहा कि फणीश्वर नाथ रेणु हिन्दी साहित्य में आंचलिकता को प्रतिष्ठित करने वाले क्रांतिकारी लेखक है. उनके नाम पर हम शोधपीठ की स्थापना के लिए कृत संकल्प हैं. मनीष कुमार एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव ने कहा की फनीश्वरनाथ रेणु हमारी साहित्यिक के धरोहर है. 2010 में शोधपीठ की स्थापना का संकल्प लिया गया था. किन्तु आज तक इसकी स्थापना बीएनमएमयू में नहीं हुई. उन्होंने स्थापना की मांग की.अगर स्थापना नहीं हुए तो आन्दोलन के लिए बाध्य होगें. विचार गोष्ठी में डॉ० ललितेश मिश्र, डॉ० जेएन राय, डॉ० शिव बालक प्रसाद, डॉ० विद्यानंद मिश्र, डॉ० नरेंद्र प्रसाद, डॉ० विश्वनाथ विवेका, प्रो० शैलेन्द्र यादव, डॉ० नरेंद्र श्रीवास्तव, डॉ. शिववालक प्रसाद, डॉ. विद्यानंद मिश्र, डॉ. विश्वनाथ विवेका, डॉ. शैलेन्द्र, यादव, आदि ने अपने विचार व्यक्त किए तथा शोधपीठ की स्थापना पर बल दिया.और अंत में पूर्व राष्ट्रपति डॉ० ऐपीजे अब्दुल कलम को श्रद्धांजलि भी दी गई.







