28/09/15भिरखी वार्ड न०22 निवासी वकील चन्द्रहास भारती के पुत्र अंकित चन्द्रा 25 वर्ष की रविवार को सहरसा गाँधी पथ स्थित सूर्या हॉस्पिटल में हो गयी. मृतक के परिजनों ने बताया की इलाज करने सहरसा सूर्या हॉस्पिटल में भर्ती करबय गया जहां चिकित्सक एवं प्रबंधन के द्वारा इलाज में लापरवाही करने एवं मौत की सुचना सही समय पर नहीं देने का आरोप लगाया है. सदर थानेकी पुलिस ने दिए गए आवेदन के आरोप के बाबत मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाकरके बाद परिजनों को सौंप दिया गया. मृतक की माता ने बताया की 27 सितम्बर की शाम को अचानक पेट दर्द होने के बाद स्थानीय मिशन अस्पताल से दिखाने बेहतर इलाज हेतु सहरसा गाँधी पथ स्थित सूर्या हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. वहां इलाज के बाद सुधार हुआ. अस्पताल प्रबंधन ने अल्ट्रासाउंड करने के बाद बोला की लीवर में सूजन हो गया है. कुछ समय (ICU) में रखना होगा. जिससे सुबह तक ठीक हो जाएगा. लेकिन उसी दिन शाम को अंकित ने डॉ० द्वारा हाथ पैर बांध कर टोचार करने की शिकायत की. दवा के कारण उनका शरीर बराबर नोचता रहता है. रात 11 बजे अंकित ने अपनी कुमारी प्रतिभा को क्लीनिक से तुरंत ले चलने को कहा. इलाज आरंभ होने के बाद अचानक 26 तारीख की सुबह बताया गया की मरीज की हालत गंभीर है .इसे पटना ले जाना पड़ेगा उसके बाद पटना के जाने हेतु उनसे एम्बुलेंस खर्च के बीस हजार रूपये जमा करवाये और एम्बुलेंस में वेंटीलेटर पर लिटाकर उसे पटना ले जाया गया. इस दौरान एक भी बार अस्पताल प्रबंधन के किसी ने भी टेक्नीशियन ने उन लोगों को रोगी के पास जाने नहीं दिया. पटना पहुंचने के बाद डॉ० ने बताया कि मरीज को मरे अवस्था में ही यहां रेफर कर दिया गया. थानाध्यक्ष मनीष कुमार ने बताया कि मृत युवक अंकित के चाचा चन्द्रमधु से पुलिस ने फर्द बयान ले लिया है. केस दर्ज करने को ले पुलिस द्वारा लिये गये बयान को सदर थाना सहरसा भेज जा रहा है. उधर अंकित के मौत के बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया है. मौत की खबर सुनते ही सोमवार को सुबह मृतक के घर पर लोगों का तांता लग गया. स्थानीय लोगों ने घटना की जांच कराने की मांग भी कि है. लोगों का यह भी कहना है की सहरसा ही नहीं अधिकांश क्लीनिक में इस तरह की घटनाएं होती रहती है.इस पुलिस या प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता है.
28/09/15भिरखी वार्ड न०22 निवासी वकील चन्द्रहास भारती के पुत्र अंकित चन्द्रा 25 वर्ष की रविवार को सहरसा गाँधी पथ स्थित सूर्या हॉस्पिटल में हो गयी. मृतक के परिजनों ने बताया की इलाज करने सहरसा सूर्या हॉस्पिटल में भर्ती करबय गया जहां चिकित्सक एवं प्रबंधन के द्वारा इलाज में लापरवाही करने एवं मौत की सुचना सही समय पर नहीं देने का आरोप लगाया है. सदर थानेकी पुलिस ने दिए गए आवेदन के आरोप के बाबत मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाकरके बाद परिजनों को सौंप दिया गया. मृतक की माता ने बताया की 27 सितम्बर की शाम को अचानक पेट दर्द होने के बाद स्थानीय मिशन अस्पताल से दिखाने बेहतर इलाज हेतु सहरसा गाँधी पथ स्थित सूर्या हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. वहां इलाज के बाद सुधार हुआ. अस्पताल प्रबंधन ने अल्ट्रासाउंड करने के बाद बोला की लीवर में सूजन हो गया है. कुछ समय (ICU) में रखना होगा. जिससे सुबह तक ठीक हो जाएगा. लेकिन उसी दिन शाम को अंकित ने डॉ० द्वारा हाथ पैर बांध कर टोचार करने की शिकायत की. दवा के कारण उनका शरीर बराबर नोचता रहता है. रात 11 बजे अंकित ने अपनी कुमारी प्रतिभा को क्लीनिक से तुरंत ले चलने को कहा. इलाज आरंभ होने के बाद अचानक 26 तारीख की सुबह बताया गया की मरीज की हालत गंभीर है .इसे पटना ले जाना पड़ेगा उसके बाद पटना के जाने हेतु उनसे एम्बुलेंस खर्च के बीस हजार रूपये जमा करवाये और एम्बुलेंस में वेंटीलेटर पर लिटाकर उसे पटना ले जाया गया. इस दौरान एक भी बार अस्पताल प्रबंधन के किसी ने भी टेक्नीशियन ने उन लोगों को रोगी के पास जाने नहीं दिया. पटना पहुंचने के बाद डॉ० ने बताया कि मरीज को मरे अवस्था में ही यहां रेफर कर दिया गया. थानाध्यक्ष मनीष कुमार ने बताया कि मृत युवक अंकित के चाचा चन्द्रमधु से पुलिस ने फर्द बयान ले लिया है. केस दर्ज करने को ले पुलिस द्वारा लिये गये बयान को सदर थाना सहरसा भेज जा रहा है. उधर अंकित के मौत के बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया है. मौत की खबर सुनते ही सोमवार को सुबह मृतक के घर पर लोगों का तांता लग गया. स्थानीय लोगों ने घटना की जांच कराने की मांग भी कि है. लोगों का यह भी कहना है की सहरसा ही नहीं अधिकांश क्लीनिक में इस तरह की घटनाएं होती रहती है.इस पुलिस या प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता है. 








