16/10/2015 शुक्रवार को भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के सभी दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों ने एकजुट होकर कुलसचिव को यह अल्टीमेटम दे दिया कि पहले हमारी सेवा का सामंजन हो तभी किसी आउट सोर्सिग से कर्मियों को रखा जाय. ज्ञातव्य है कि 1991-92 से यानि स्थापना काल से ही मंडल विश्वविद्यालय में कार्यरत कर्मियों की सेवा का समारयोजन कोई पद सृजन नहीं हो सका है. एक वर्ष पहले जब पद सृजन हुआ तो राज्य सरकार का निर्देश था कि इस पर आउट सोर्सिग से नियोजन हो. इस बीच दैनिक वेतनभोगी कर्मियों की कुल संख्या 81 तय की गयी है. अखिलेश कुमार के नेतृत्व में कुलसचिव डा. केपी सिंह से वात्र्ता क्रम में यह आरोप लगाया गया कि विश्वविद्यालय आउट सोर्सिग से नियोजित करने में ज्यादा रूचि दिखा रही है, जबकि हमलोगों की सेवा का समायोजन का काम लटका पड़ा है. कुलसचिव ने प्रतिवाद करते हुए आश्वासन दिया कि आप लोगों की समस्या के निराकरण को ले विश्वविद्यालय तत्पर है. समायोजन हेतु नियामानुसार निदान खोजा जा रहा है. समस्या का निराकरण हो, इसके लिए धैर्य की आवश्यक्ता है. लेकिन कर्मचारीगण अड़े रहे और अल्टीमेटम दिया कि पहले हमारी सेवा का समायोजन हो, तभी हम आउट सोर्सिग से किसी कर्मी का नियोजन होने देंगे.
16/10/2015 शुक्रवार को भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के सभी दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों ने एकजुट होकर कुलसचिव को यह अल्टीमेटम दे दिया कि पहले हमारी सेवा का सामंजन हो तभी किसी आउट सोर्सिग से कर्मियों को रखा जाय. ज्ञातव्य है कि 1991-92 से यानि स्थापना काल से ही मंडल विश्वविद्यालय में कार्यरत कर्मियों की सेवा का समारयोजन कोई पद सृजन नहीं हो सका है. एक वर्ष पहले जब पद सृजन हुआ तो राज्य सरकार का निर्देश था कि इस पर आउट सोर्सिग से नियोजन हो. इस बीच दैनिक वेतनभोगी कर्मियों की कुल संख्या 81 तय की गयी है. अखिलेश कुमार के नेतृत्व में कुलसचिव डा. केपी सिंह से वात्र्ता क्रम में यह आरोप लगाया गया कि विश्वविद्यालय आउट सोर्सिग से नियोजित करने में ज्यादा रूचि दिखा रही है, जबकि हमलोगों की सेवा का समायोजन का काम लटका पड़ा है. कुलसचिव ने प्रतिवाद करते हुए आश्वासन दिया कि आप लोगों की समस्या के निराकरण को ले विश्वविद्यालय तत्पर है. समायोजन हेतु नियामानुसार निदान खोजा जा रहा है. समस्या का निराकरण हो, इसके लिए धैर्य की आवश्यक्ता है. लेकिन कर्मचारीगण अड़े रहे और अल्टीमेटम दिया कि पहले हमारी सेवा का समायोजन हो, तभी हम आउट सोर्सिग से किसी कर्मी का नियोजन होने देंगे.







