67वें गणतंत्र दिवस को लेकर युवाओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है. हालांकि, कंपकंपा देने वाली ठंड में स्कूली बच्चों को परेशानी होगी. शहर के सुभाष चौक, थाना चौक, होटल मधेपुरा के समीप एवं विभिन्न जगहों पर तिरंगे की दुकानों पर स्कूली बच्चों की भारी भीड़ देखी जा रही है. बाजार में 10-500 रुपये तक का झंडा उपलब्ध है. बदलते परिवेश में युवाओं के बीच तिरंगा टैटू लगाने की होड़ मची हुई है. इसके अलावे गांधी टोपी, भारत माता का मुकुट, ट्री कलर की साड़ी व चूड़ियां भी युवा खरीद रहे हैं. खास कर स्कूली बच्चों के बीच महंगाई के बावजूद गणतंत्र दिवस को लेकर काफी उत्साह का माहौल है. 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है. आज के दिन सन 1950 को सविंधान लागू किया गया था. अबोध नन्ह - मुन्ने बच्चे जिसके मन में हजारों सवाल होते है फिर भी अपने मन के सवालों के पोटरी को बंद कर के उनमे सिर्फ 26 जनवरी के झांकी में शामिल होने का ललक इतना होता है की वो रात के 2 बजे से ही तैयारी में जुट जाते है. झांकी में आने के बाद उसे बताया जाता है.की आज क्या है.....कुछ जानते भी है .......शीतलहरी के बावजूत सभी बच्चे का उत्साह उन्हें सर्दी का एहसास भी नही होने देता. वह नारा लगाते मार्च करते अपने पथ पर बढ़ते रहते, इतना उत्साह मानो हर एक में अकेले इतनी ताकत होती है की देश को फिर आजाद करा दे. जैसे जैसे बड़े होते जाते है मानसिकता बदलती जाती है.धीरे-धीरे मानो उसे कुछ समझ में आ रहा हो कि ये सब क्या हो रहा है. और उत्साह भी खत्म हो जाती है. वो क्या देखता है, क्या समझता है.शायद अपने देश की दशा को देखता है,समझता है.
(रिर्पोट मधेपुरा -अमित आनंद)









